हरदोई। करीब 11 माह बाद सोमवार को जिले के 2830 प्राथमिक विद्यालय बच्चों से गुलजार हो जाएंगे। करीब डेढ़ लाख बच्चों के स्वागत के लिए स्कूलों में उत्सव मनाया जाएगा। इसकी तैयारियां रविवार को छुट्टी के दिन भी चलती रहीं। विद्यालयों को गुब्बारों और झंडियों से सजाया गया है।
लॉकडाउन के बाद 10 फरवरी से जिले के जूनियर स्कूलों को बच्चों के लिए खोला गया था। इनमें शेड्यूल के अनुसार बच्चों को स्कूल बुलाया जा रहा है। अब इसी तर्ज पर एक मार्च से जिले के प्राथमिक विद्यालयों के दरवाजे भी बच्चों के लिए खोले जा रहे हैं। कक्षा एक से लेकर कक्षा पांच तक जिले में 2830 प्राथमिक विद्यालय हैं।
इसमें साढ़े तीन लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। शासन की ओर से इन स्कूलों को खोले जाने के लिए गाइड लाइन भी जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि पहले दिन प्राथमिक स्कूलों में उत्सव के रूप में मनाया जाए। स्कूलों को गुब्बारों और झंडियों से सजाया जाए।
इसके अलावा बच्चों को लुभाने के लिए रंगोली, पोस्टर आदि प्रतियोगिताओं का भी आयोजन करने के निर्देश हैं। इसकी तैयारियां रविवार को स्कूलों में जारी रहीं। कई विद्यालयों को गुब्बारे और झंडियों से सजाया गया। बीएसए हेमंत राव ने बताया कि उन्होंने शासन के निर्देशों को सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जारी कर दिए हैं। नियम के अनुसार विद्यालयों में बच्चे बैठाए जाएंगे और शेड्यूल के अनुसार ही अन्य कार्य किए जाएंगे।
बच्चों के लिए आज बनेंगे पकवान
स्टेट रिसोर्स ग्रुप के सदस्य आशीष मिश्रा ने बताया कि बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करने के लिए सोमवार को मिड-डे मिल के तहत पकवान बनाए जाएंगे। नाश्ता भी बेहतर और बच्चों की पसंद का तैयार करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षकों के साथ अनुभव साझा करेंगे बच्चे
करीब 11 माह बाद स्कूल खुलने पर बच्चे शिक्षकों के साथ कोरोना काल के अपने अनुभव बांटेंगे। कोरोना काल के बाद स्कूल आने पर उन्हे कैसा अनुभव हो रहा है। इसको लेकर भी शिक्षक और बच्चे आपस में चर्चा करेंगे।
बच्चों पर न पड़े बोझ, ऐसे पढ़ाएं शिक्षक
बीएसए हेमंत राव ने बताया कि कक्षा एक से लेकर कक्षा पांच तक के बच्चों को निर्धारित कक्षावार बुलाए गए हैं। ऐसे में उन पर पढ़ाई का बोझ न पड़े, इसलिए पहले सौ दिन का कोर्स चलाया जाए। इसके बाद ही विधिवत पढ़ाई हो।
शिक्षा चौपाल का आयोजन जरूरी
महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद की ओर से जारी निर्देशों में बताया गया कि समय-समय पर शिक्षा चौपाल होना स्कूल में अनिवार्य है। अभिभावकों को बुलाकर शिक्षक इस पर चर्चा जरूर करें ताकि छात्र-छात्राओं की दिक्कतों को कम किया जा सके।
कक्षाएं चलाने का ये है शेड्यूल
सोमवार और गुरुवार को कक्षा एक और कक्षा पांच के बच्चे बुलाए जाएंगे।
मंगलवार और शुक्रवार को कक्षा दो और कक्षा चार के बच्चे स्कूल आएंगे।
.बुधवार और शनिवार को कक्षा तीन के बच्चों को स्कूल में पढ़ाया जाएगा।