कानपुर में पहली बार ‘फ्यूचर इंडिया’ विषय पर मंथन करने के लिए देशभर के वैज्ञानिक जुटेंगे। कार्यक्रम इंडियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन की ओर से 23 से 25 नवंबर तक अलग-अलग चार संस्थानों में होगा। इसमें अंतरिक्ष विज्ञान से लेकर कृषि विज्ञान और गंभीर बीमारियों के इलाज पर मंथन होगा।
मंगलवार को सिविल लाइंस स्थित अपने आवास पर एसोसिएशन की एग्जिक्यूटिव मेंबर कुमकुम स्वरूप, कानपुर चैप्टर के एडवाइजर गौरवेंद्र स्वरूप, कानपुर चैप्टर की कन्वीनर डॉ. विजय लक्ष्मी सक्सेना और एसोसिएशन के पूर्व जनरल प्रेसिडेंट डॉ. अशोक कुमार सक्सेना ने बताया कि यह राष्ट्रीय संगोष्ठी डीएवी कॉलेज के शताब्दी वर्ष समारोह के तहत होने जा रही है। इस संगोष्ठी में कोई भी शामिल हो सकता है।
कुमकुम स्वरूप ने बताया कि यह सेमिनार तीन दिन चलेगा। 23 नवंबर को सेमिनार अवधपुरी स्थित डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजूकेशन सेंटर में होगा। दूसरे दिन सेमिनार सिविल लाइंस स्थित डीजीपीजी कॉलेज और डीएवी कॉलेज में समानांतर चलेगा। सेमिनार का समापन छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में होगा। गौरवेंद्र स्वरूप ने बताया कि इस सेमिनार में छात्र अपने सवालों के उत्तर के लिए सीधे वैज्ञानिकों से संवाद कर सकेंगे।
ये वैज्ञानिक आएंगे
प्रो. स्वामी वेदाजानंदा, केमिकल इंजीनियरिंग विभाग, हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कोलकाता
प्रो. एन बैरागी, मैथमेटिक्स विभाग, जाधवपुर यूनिवर्सिटी, कोलकाता
डॉ. सीके पाण्डा, चितरंजन नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट, कोलकाता
डॉ. आरआर देशमुख, औरंगाबाद यूनिवर्सिटी
प्रो. जगदंबा सिंह, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी
प्रो. कुलदीप शर्मा, यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू
प्रो. बीपी चटर्जी, रतनमाला, हावड़ा
प्रो. एमजी रघुनाथन, जीएन कॉलेज, चेन्नई
प्रो. एमके ज्योति, जम्मू यूनिवर्सिटी
डॉ. एके शुक्ला, आईआईटी कानपुर
डॉ. अमिताभ आर्या, संजय गांधी पीजीआई लखनऊ
डॉ. एके सक्सेना, पूर्व निदेशक, डीएमएसआरडी कानपुर
प्रो. जेपी श्रीवास्तव, यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली