भीतरगांव (कानपुर)। विकास खंड के सांसद आदर्श गांव बरईगढ़ की झील में अवैध रूप से सिंघाड़े की खेती पर कार्रवाई शुरू हुई है। बुधवार को एसडीएम के निर्देश पर नर्वल तहसील के राजस्व निरीक्षक मुकेश कुमार ने जांच-पड़ताल की और अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी। इसके आधार पर तहसीलदार की कोर्ट में आरोपी के खिलाफ राजस्व अधिनियम की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की गई है।
विकास खंड की ऐतिहासिक बरईगढ़ झील के 12 बीघा रक्बे पर उसी इलाके के राजेंद्र गोड़िया ने अवैध रूप से सिंघाड़ा की फसल बो रखी है। अमर उजाला ने बीते 16 नवंबर को खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। गांववालों ने झील में सिंघाड़े की खेती पर ग्राम प्रधान और राजस्व लेखपाल की भी मिलीभगत बताई। जबकि, प्रधान और लेखपाल ने जानकारी होने से इंकार किया था।
इधर, खबर छपने के बाद अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया। नर्वल एसडीएम ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने जांच के आदेश जारी किए जिसपर राजस्व निरीक्षक ने जांच-पड़ताल की। राजस्व निरीक्षक के साथ स्थानीय राजस्व लेखपाल त्रिशूलचंद्र पांडेय भी थे। राजस्व निरीक्षक ने झील के रक्बे की नाप करने के बाद अवैध रूप से बोई गई सिंघाड़े की खेती का रक्बा निकाल। इसके आधार पर आरोपी के खिलाफ राजस्व अधिनियम के तहत मुकदमा और जुर्माना तय करने की कार्रवाई शुरू की गई है।
राजस्व निरीक्षक ने बताया कि लेखपाल त्रिशूलचंद्र की तहरीर पर रातेपुर गांव निवासी राजेंद्र गोड़िया पुत्र हरीलाल के खिलाफ वाद दायर किया है। बताया कि कार्रवाई प्रभावी होने पर झील पर बोई गई सिंघाड़े की फसल की नीलामी कराने के साथ आरोपी के खिलाफ जुर्माना तय किया जाना है।