इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) कानपुर में राष्ट्रीय भूमंडल शोध केंद्र बनाया जाएगा। डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) ने कैंपस में नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन जियोडेसी (भूमंडल मापने का यंत्र) की स्थापना के लिए 21.14 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है।
इस सेंटर के जरिये पृथ्वी विज्ञान, भूमंडल पर कई शोध कार्य हो सकेंगे। पृथ्वी के आकार का मापन भी होगा। इसके अलावा देश भर में पानी के स्टोरेज का स्थान, उसकी स्थिति का भी सेटेलाइट मैपिंग के जरिये पता किया जाएगा। यही नहीं पृथ्वी पर होने वाले विभिन्न बदलावों पर अध्ययन करने के लिए हाइटेक लेबोरेट्री की स्थापना भी यहां की जाएगी। इसके अलावा जियोड मॉडलिंग, हाईट रेफरेंस सिस्टम, पोलर मोशन, क्रस्टल डिफॉरमेशन पर भी यहां काम होगा।
केंद्र प्रमुख सिविल इंजीनियरिंग विभाग के सीनियर प्रोफेसर ओंकार दीक्षित को बनाए गए हैं जबकि प्रो. बालाजी देवराजू सहायक होंगे। इसी के साथ यह देश का दूसरा ऐसा संस्थान भी बन जाएगा जहां जियोडेसी पर वृहद् स्तर पर शोध कार्य होंगे। यह प्रोजेक्ट पांच साल का होगा। इसी साल से इसकी शुरुआत हो गई है।