आरटीओ ने हाईटेक होने की ओर एक कदम और बढ़ाते हुए नेशनल परमिट रिन्यूअल सिस्टम को ऑनलाइन कर दिया है। अब घर बैठे ट्रक मालिक मोबाइल या कंप्यूटर पर अपने परमिट को ऑनलाइन कर सकता है।
इसके लिए अब ट्रक मालिकों को आरटीओ का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। प्रदेश के लाखों ट्रक मालिक इसका सीधा लाभ उठा सकते हैं। यह प्रक्रिया 9 जनवरी से शुरू हो चुकी है। ट्रक को नेशनल परमिट जारी करने की प्रक्रिया दो स्तरों से होती है।
एक तो राष्ट्रीय स्तर पर और दूसरा प्रदेश स्तर पर। पहले स्तर के लिए पहली बार 16 हजार 500 की फीस जमा करनी पड़ती है। यह पांच साल के लिए होता है। यह राशि केंद्र सरकार के खाते में जाती है। दूसरे स्तर के लिए आठ हजार की राशि, फीस के रूप में ली जाती है।
यह भी पांच साल के लिए होती है। लेकिन इसे हर साल रिन्यूअल कराना पड़ता है। रिन्यूअल के लिए फीस एक हजार रखी गई है। इसी रिन्यूअल प्रक्रिया के लिए यह व्यवस्था की गई है।
यह व्यवस्था इस वर्ष 9 जनवरी से शुरू हो गई है। ट्रक मालिकों को अक्सर समय की कमी के चलते परमिट रिन्यूअल कराने में दिक्कत आती रही है।
इससे उन्हें राहत मिलेगी। फीस भी आनलाइन ही जमा करने का प्रावधान बना दिया गया है।
- एसके सिंह, एआरटीओ प्रशासन