भोपाल में 7 मार्च को भोपाल-उज्जैन पैसेंजर की बोगी में हुए ब्लास्ट के बाद लखनऊ में हुई मुठभेड़ में मारे गए आतंकी सैफुल्लाह के चचेरे भाई आसिफ इकबाल और दोस्त आतिफ मोहम्मद को एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने मंगलवार को कानपुर के जाजमऊ से उठा लिया। टीम दोनों को लखनऊ ले गई। एनआईए ने आतिफ के पिता, छोटे भाई, साले और साढ़ू से भी पूछताछ की। माना जा रहा है कि ब्लास्ट के बाद पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ में आतिफ और आसिफ की भी भूमिका सामने आई है। एटीएस और एनआईए ने दोनों से पहले पूछताछ की थी।
एनआईए ने शहर में कई जगह छापेमारी की, छह को उठाया
एनआईए टीम मंगलवार सुबह चकेरी थाने पहुंची। टीम ने चकेरी पुलिस के सहयोग से जाजमऊ मनोहर नगर निवासी इकबाल के घर छापा मारा। घर में सो रहे आसिफ इकबाल को दबोच लिया। उसके घर की गहनता से तलाश तलाशी ली। कुछ दस्तावेज और लैपटॉप को कब्जे में लेने के बाद आसिफ को साथ ले गई। आसिफ मुठभेड़ में मारे गए आईएसआईएस के खुरासान मॉड्यूल के आतंकी सैफुल्लाह का चचेरा भाई है। वह सैफुल्लाह के घर के पास ही रहता है और एक टेनरी में काम करता है। इसके बाद टीम बंगाली घाट जाजमऊ निवासी परवेज के घर पहुंची। लेदर का काम करने वाले परवेज को हिरासत में लेकर रामादेवी के एक होटल ले गई। वहां करीब दो घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद टीम फिर परवेज के घर पहुंची और बड़े बेटे आतिफ को पूछने लगी। आतिफ की पत्नी गुलनाज से जब सख्ती से पूछा गया तो पता चला कि आतिफ बेकनगंज के तलाक महल स्थित अपनी ससुराल में है। टीम ने परवेज के घर से लैपटॉप, मोबाइल और कुछ दस्तावेज कब्जे में लिए। इसके बाद टीम तलाक महल पहुंची। यहां से आतिफ को दबोच लिया। उसके साले रहमत अली और साढ़ू मोहम्मद जावेद से भी पूछताछ की। सूत्रों की मानें तो एनआईए टीम कढ़ाई का काम करने वाले मोहम्मद आतिफ और आसिफ इकबाल को पकड़कर लखनऊ ले गई है। जबकि पिता परवेज, छोटे भाई आतिब, रहमत अली और जावेद को छोड़ दिया गया।
टीम लेकर आए थे विवेचक
एनआईए के विवेचक ने टीम के साथ यहां छापेमारी की है। दानिश, गौस मोहम्मद और पकड़े गए अन्य लोगों से पूछताछ में आतिफ और आसिफ इकबाल की भूमिका होने की बात सामने आई है। दशहरे के वक्त सैफुल्लाह के साथ इन दोनों ने प्रधानमंत्री के रैली स्थल पर बम ब्लास्ट करने की साजिश रची थी। किसी वजह से बम ब्लास्ट नहीं हुआ था।
अभी कई और रडार पर
सूत्रों की मानें तो आतंकियों के कई रिश्तेदार और दोस्त एनआईए के रडार में हैं। जैसे-जैसे विवेचना आगे बढ़ रही है। नए-नए नाम सामने आ रहे हैं। कुछ और नाम एनआईए को पता चले हैं, जिनके बारे में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इन लोगों की भी जल्द गिरफ्तारी हो सकती है।
एटीएस ने भी आसिफ को उठाया था
सैफुल्लाह के मारे जाने के बाद एटीएस (आतंकवाद निरोधी दस्ता) ने भी आसिफ इकबाल को उठाया था। उससे लंबी पूछताछ की थी, लेकिन सुबूत न मिलने पर छोड़ दिया था।
कई हो चुके हैं गिरफ्तार
ट्रेन में बम ब्लास्ट के बाद जाजमऊ केडीए कालोनी निवासी आतिश मुजफ्फर उर्फ अल कासिम, केडीए कालोनी निवासी दानिश, जाजमऊ के गौस मोहम्मद उर्फ जीएम खान, मोहम्मद फैजल, इटावा के अजहर समेत कई लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। जबकि जाजमऊ मनोहर नगर ऊंचा टीला निवासी सैफुल्लाह को लखनऊ स्थित हाजी कालोनी में एटीएस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद दानिश और उसके साथियों को कारतूस और असलहें सप्लाई करने वालों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस मामले की जांच केंद्र सरकार ने एनआईए को सौंपी थी।
-एनआईए ने आतंकी के भाई और दोस्त को उठाया
-आईएसआईएस से जुड़े थे सैफुल्लाह के तार, लखनऊ में मुठभेड़ में मार गिराया गया था
-सैफुल्लाह के ताऊ के लड़के आशिफ व दोस्त आतिफ का एनआई टीम अपने साथ ले गई।
- भोपाल-उज्जैन पैसेंजर में हुए ब्लास्ट का मामला, शहर में की छापेमारी, परिजनों से भी हुई पूछताछ