बसपा से निष्काषित किए जाने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दकी आगबबूला हो उठे हैं। पार्टी से बेटे समते बाहर किए गए नसीमुद्दीन ने कहा है के वे बसपा सुप्रीमों मायावती,उनके भाई आनन्द कुमार व महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के कई राज खोल देंगे।
बसपा से निष्कासन की खबर मिलने के बाद उन्होंने बुधवार को एक प्रेसनोट जारी किया। इसी में यह बात लिखी है कि गुरुवार को वे लखनऊ आकर मायावती एंड कम्पनी के आरोपों का प्रेस के माध्यम से देंगे। ऐसे में मामला उल्टा पड़ता दिखाई दे रहा है।
जहां नसीमुद्दीन पर आरोप लगाकर उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया अब वही बसपा सुप्रीमो मायावती, सतीश चंद्र मिश्रा और आनंद कुमार के लिए आफत बुला सकते है।
अगर नसीमुद्दीन गुरुवार को तीनों में से किसी भी नेता का कोई कोई बड़ा राज उजागर करते हैं तो पार्टी की साख को बड़ा खतरा हो सकता है। ऐसे में बसपा के इन शीर्ष नेताओंं की मुश्किलें बढ़ भी सकती हैं।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मीडिया में तीन पन्ने का प्रेस नोट जारी करते हुए कहा, मैं अपने निजी काम से लखनऊ से बाहर आया हूं। मुझे मेरे परिवार के लोगों और शुभचिंतकों से मालूम चला कि बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष के आदेशों और निर्देशों पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने मुझे और मेरे बेटे अफजल सिद्दीकी को पार्टी से निकाल दिया है।
उन्होंने लिखा, सच्चाई ये है कि मेरे ऊपर जो भी आरोप लगे हैं वो मनगढ़ंत और निराधार हैं। जबकि ये सारे आरोप जो उन्होंने मुझ पर लगाए हैं, मैं प्रमाण के साथ उन पर साबित कर दूंगा। जहां तक मेरे निकाले जाने का सवाल है तो मैं समझता हूं कि मेरे, मेरे परिवार और मेरे सहयोगियों को बसपा में 34-35 वर्षों की कुर्बानी का सिला दिया गया है।
ये कहकर नसीमुद्दीन ने मायावती को भी नहीं बख्शा...
नसीमुद्दीन ने लिखा, चुनाव के दौरान मेरी सबसे बड़ी संतान मेरी इकतौली बेटी बांदा में गंभीर रूप से बीमार हुई। मेरी पत्नी ने रो-रोकर मुझे फोन पर कहा, तुम आ जाओ, बेटी आखिरी सांसे ले रही है। मैंने मायावती से फोन पर अपने बेटी को दिखने की इजाजत मांगी तो उन्होंने कहा कि चुनाव फंसा हुआ है, तुम ही मेरे इलेक्शन एजेंट और चुनाव प्रभारी हो। तुम्हारे जाने का मतलब मेरा चुनाव हारना है। मायावती ने अपने स्वार्थ के चलते बेटी से मिलने नहीं जाने दिया। इलाज के अभाव में मेरी बेटी की मौत हो गई उनका आदेश मानकर मैं नहीं गया और मैं उनके कहने पर अपनी बेटी के अंतिम संस्कार में भी नहीं जा सका।