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स्मारक घोटालाः फाइल में कहीं भी मेरे हस्ताक्षर मिल जाएं तो खुद को दोषी मान लूंगा- नसीमुद्दीन

Sat, 02 Feb 2019 12:25 AM IST
प्रशांत कुमार यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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नसीमुद्दीन सिद्दीकी - फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ के स्मारक घोटाले में आरोपी बसपा सरकार के तत्कालीन कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा है कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत इस मामले में घसीटा जा रहा है। इस प्रकरण की किसी भी फाइल में उनके हस्ताक्षर नहीं हैं। कहा कि फाइल में कहीं भी मेरे हस्ताक्षर मिल जाएं तो बिना जांच के खुद को दोषी मान लूंगा। 
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शुक्रवार को गृह जनपद बांदा आए एमएलसी व कांग्रेसी नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि घोटाले की एफआईआर वर्ष 2013 में सपा सरकार में दर्ज कराई गई थी। तत्कालीन लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा का कार्यकाल 8 वर्ष किए जाने के लिए विधान परिषद में बिल लाया गया था। तब मैं नेता विरोधी दल था। मेरे विरोध के चलते बिल पारित नहीं हो सका। कथित घोटाले की एफआईआर में उन्हें शामिल किया जाना इसी का नतीजा है।


 
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मेरी प्राथमिकता कांग्रेस को मजबूत करना है

उन्होंने कहा कि स्मारक का निर्माण मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित बोर्ड ने कराया। ईडी की एफआईआर में उन पर सिर्फ इतना आरोप है कि वे पीडब्ल्यूडी मंत्री होते हुए अपने आवास में मीटिंग और मॉनीटरिंग करते थे। कहा कि मुख्यमंत्री के लिखित निर्देश थे कि सभी मंत्री प्रत्येक माह एक बार अपने कैंप कार्यालय में मीटिंग कर कार्यों की समीक्षा करें, लेकिन उनके कहीं भी फाइल में हस्ताक्षर नहीं हैं। खनन विभाग के भूतपूर्व संयुक्त निदेशक व सलाहकार सुहैल अहमद फारुकी को निर्देश दिए थे कि स्मारक में एक भी पत्थर बगैर साइंटिस्ट के टेस्ट के बिना नहीं लगना चाहिए। ईडी की जांच में मैंने हमेशा सहयोग किया है और आगे भी करता रहूंगा। 



कांग्रेस के टिकट पर बांदा-चित्रकूट संसदीय सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने यह कहकर विराम लगाने की कोशिश की कि पार्टी हाईकमान से उन्होंने कहीं से भी टिकट नहीं मांगा है। मेरी प्राथमिकता कांग्रेस को मजबूत करना है। पार्टी नेतृत्व जो निर्देश और दायित्व सौंपेगा, उसी पर अमल करूंगा। यह भी कहा कि हाईकमान कहीं से भी चुनाव लड़ने का निर्देश देगा तो उस पर विचार करेंगे। फिलहाल बांदा से चुनाव लड़ने की कोई बात नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी के आने से पार्टी और मजबूत हुई है। जनता में कांग्रेस के प्रति विश्वास बढ़ा है। 
 
 
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