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इंफोसिस के चेयरमैन नारायणमूर्ति बोले..चाहे जो हो जाए मशीन कभी नहीं ले पाएगी इंसानों की जगह 

Sat, 29 Jun 2019 01:24 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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नारायण मूर्ति पत्नी सुधा के साथ - फोटो : अमर उजाला
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इंफोसिस के संस्थापक नागवार रामाराव नारायण मूर्ति ने कहा कि देश में रोजगार घट नहीं रहा है बल्कि नौकरियों के स्वरूप में बदलाव हुआ है। इंडस्ट्री में जिस तेजी से बदलाव हुआ है उसी तेजी से रोजगार के तरीके भी बदले हैं।
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नारायण मूर्ति आईआईटी कानपुर में आयोजित 52वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने आए थे। प्रेस वार्ता में नारायणमूर्ति ने कहा कि स्किल्ड (दक्ष) लोगों का इंडस्ट्री हमेशा स्वागत करती है। उन्हें रोजगार मुहैया कराती है। इसलिए युवाओं को अपने अंदर स्किल लाने की जरूरत है। 

 
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आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का जमाना, कंपनियों में इसके विशेषज्ञों की मांग

नारायणमूर्ति ने कहा कि मौजूदा समय में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निंग, थ्री डी प्रिंटिंग जैसी तकनीक आ रही हैं। इंसान की तरह काम करने वाले रोबोट और मशीनें तैयार की जा रही हैं। लेकिन चाहे जो हो जाए ये मशीनें कभी भी इंसान की जगह नहीं ले पाएंगी। मशीन वही काम करेगी जो उनमें फीड किया जाएगा जबकि इंसान का दिमाग हर पल अलग सोचता है।

उन्होंने भारतीय बाजार को दुनिया के बड़े बाजारों की अपेक्षा कम विकसित बताया। कहा कि दुनिया के बाजार जिस तरह से तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं उसके हिसाब से भारतीय बाजार धीमे हैं। साएंट के फाउंडर और नैसकॉम के पूर्व चेयरमैन बीवीआर मोहन रेड्डी ने बताया कि मौजूदा समय में नैसकॉम ने 160 तरह की स्किल आधारित नई नौकरियां सूचीबद्घ की हैं। 

मसलन आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की बात करें तो अब कंपनियों में एआई प्रोग्रामर,  एआई स्पेशलिस्ट जैसे कई तरह के विशेषज्ञों को रखा जाता है। इनमें भी अलग-अलग कैटेगिरी होती हैं जैसे कि पायथॉन विशेषज्ञ, मैथमेटिकल विशेषज्ञ आदि। बीवीआर मोहन रेड्डी ने कहा कि आने वाले दो सालों में तकनीक के क्षेत्र में नौकरियों का स्वरूप पूरी तरह से बदल जाएगा।
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