राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भारत रत्न सम्मान ग्रहण करते वीरेंद्रजीत सिंह
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चित्रकूट से दुनिया भर में स्वावलंबन की अलख जगाने वाले महान समाजसेवी नानाजी देशमुख को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया है। नानाजी देशमुख पंडित दीनदयाल शोध संस्थान के संस्थापक भी रहे हैं।
गुरुवार को राष्ट्रपति भवन दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में यह पुरस्कार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पंडित दीन दयाल शोध संस्थान के अध्यक्ष वीरेंद्र जीत सिंह को प्रदान किया। उल्लेखनीय है कि नानाजी देशमुख ने देश भर में विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में कार्य किए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जनवरी को नानाजी देशमुख के द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों के लिए भारत रत्न पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की थी। इसके बाद 8 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में भव्य समारोह का आयोजन करके पुरस्कार दिया गया।
इस मौके पर नानाजी देशमुख के जीवन और देश और समाज के उत्थान के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों के संबंध में बताया गया। उनके कार्यों से समाज की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन आया।