ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेन 2019 के पहले चरण में 100 पर्सेंटाइल अंक हासिल करने वाले नमन गुप्ता ने अपनी सफलता के लिए सेल्फ स्टडी को श्रेय दिया। नमन ने बताया कि किसी भी छात्र के जीवन में सेल्फ स्टडी का बहुत महत्व होता है।
मूलरूप से कानपुर के दर्शनपुरवा के रहने वाले नमन के पिता आरके गुप्ता रेलवे में लोको पायलट और मां संध्या गुप्ता गृहिणी हैं। बड़ी बहन श्रुति गुप्ता गाजियाबाद के कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग कर रही हैं। नमन बताते हैं कि अब उनकी ख्वाहिश है कि उनका नाम जेईई के टॉप-10 रैंकर्स में शामिल हो। इसके लिए वह पूरी मेहनत कर रहे हैं। अप्रैल में होने वाले जेईई मेन में भी बैठेंगे। नमन डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर अवधपुरी से 12वीं की पढ़ाई कर रहे हैं। अभी बोर्ड एग्जाम भी शुरू होने हैं। साथ ही जेईई मेन का दूसरा फेज और उसके बाद जेईई एडवांस की तैयारी भी करनी है।
इसलिए पूरा वक्त पढ़ाई को देते हैं। बताया कि जेईई मेन के पहले चरण में जो कमजोर कड़ी है, उस पर फोकस करेंगे। फिटजी के विशेषज्ञों ने भी उन्हें परीक्षा की तैयारी में मदद की। नमन बताते हैं कि 9वीं से ही उनका रुझान विज्ञान विषय की तरफ हो गया था। दसवीं में आते-आते रुचि और बढ़ गई। 10वीं में उन्होंने 98 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। नमन कहते हैं कि वह व्हाट्स ऐप का प्रयोग करते हैं लेकिन केवल खाली समय में। फेसबुक एकाउंट तो है लेकिन उसे चलाए कई माह बीत चुके हैं।
किस विषय में कितने पर्सेंटाइल अंक
केमिस्ट्री : 99.99
मैथ : 100
फिजिक्स : 99.99
टॉप आईआईटी में पढ़ने का सपना
नमन जेईई मेन की तरह जेईई एडवांस में भी अच्छी रैंक हासिल करना चाहते हैं ताकि टॉप आईआईटी संस्थान में उन्हें दाखिला मिल सके। आईआईटी बांबे, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी कानपुर, आईआईटी मद्रास और आईआईटी खड़गपुर उनकी प्राथमिकता होगी। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग मनपसंद ब्रांच है।
सफलता के टिप्स
- किताबें जरूर पढ़ना चाहिए। कोचिंग और स्कूल के साथ सबसे ज्यादा फोकस सेल्फ स्टडी पर रखें।
- मॉक टेस्ट से खुद को परखें।
- मन एकाग्र करके पढ़ाई करें। शिक्षकों की मदद जरूर लें।
- किसी भी सवाल को हल करने की कोशिश करें। शॉर्टकट से दूरी बनाएं।