केंद्रीय शहरी विकास मंत्री और जल संसाधन मंत्री 19 अगस्त को गंगा बैराज से नमामि गंगे प्रोजेक्ट को लांच करेंगे। इसकी जानकारी शनिवार को मंत्रियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये दी। बैराज पर शिलान्यास समारोह की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
दिल्ली में विज्ञान भवन, हैदराबाद से शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू, उज्जैन से जल संसाधन विकास मंत्री उमा भारती ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बताया कि लगभग 500 करोड़ रुपये के नमामि गंगे प्रोजेक्ट में कानपुर समेत दस शहरों में घाटों के सुंदरीकरण, नालों की टेपिंग आदि कार्यों को शामिल किया गया है। कानपुर में इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड की देखरेख में वीआरसी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी घाटों की मरम्मत, चेंज रूम, शौचालय, पेशाब घर, लाइटिंग आदि सुंदरीकरण कार्य कराए जाएंगे।
नाला टेपिंग के लिए 63.80 करोड़
नाला टेपिंग कार्य गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई करेगी। इसके लिए 63.80 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इकाई के जीएम एके गुप्ता ने बताया कि सीसामऊ नाले से रोज गंगा में जा रहे 14 करोड़ लीटर गंदे पानी में से आठ करोड़ लीटर गंदा पानी बजरिया के पास से नाला टेप कर बिनगवां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट ले जाया जाएगा। वहीं, छह करोड़ लीटर गंदा पानी पुरानी गहरी सीवर लाइन के माध्यम से जाजमऊ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पहुंचेगा। इसी तरह अन्य प्रमुख नालों का पानी भी टेपिंग के बाद गंगा के बजाय सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पहुंचेगा।
इन घाटों का होगा सुंदरीकरण
सरसैया घाट, परमट घाट, बाबा घाट, भगवतदास घाट, भैरोघाट, गुप्तार घाट, मेस्कर घाट, किला घाट, गोला घाट, सिद्धनाथ घाट, बुढ़िया घाट आदि।
ये नाले होंगे टेप
परमिया नाला, नवाबगंज नाला, सीसामऊ नाला, म्योर मिल नाला, गुप्तार घाट नाला, ढबका नाला।
ये अफसर मौजूद रहे
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान डीएम कौशलराज शर्मा के अलावा प्रोजेक्ट में शामिल अन्य शहरों के अफसरों के साथ-साथ नगर आयुक्त उमेश प्रताप सिंह, मुख्य अभियंता मनीष कुमार सिंह, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के महाप्रबंधक एके गुप्ता, वीआरसी कंस्ट्रक्शन के जीएम दर्शन कुमार गुप्ता, जीएम रमन शर्मा, एजीएम मुकेश टीना आदि कलक्ट्रेट में मौजूद रहे।
बैराज पर तैयारियां
वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड, वीआरसी के अफसर भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी के साथ गंगा बैराज गए। वहां मंच स्थल से लेकर पार्किंग स्थल तक के लिए जगह चिह्नित की गई। सुरेंद्र मैथानी ने बताया कि घाटों का सुंदरीकरण डेढ़ साल में होगा। निर्माण इकाई छह महीने तक रखरखाव भी करेगी।