कानपुर। सर, मेरी बिटिया परेशान थी। उसको कोर्ट के पेशकार और चपरासी प्रताड़ित कर रहे थे। घरवालों को इसकी जानकारी दी थी। उसने सारी बात अपनी मां को बताई थी। यह जानकारी गुरुवार को कचहरी की छठवीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली स्टेनो नेहा (25) के पिता गोविंद प्रसाद ने कोतवाली पुलिस को दर्ज कराए बयान में दी।
उन्होंने कहा कि वह शनिवार को तहसील दिवस में थे। बेटी को जब फोन किया तो उसने घबराहट और उलझन में होने की जानकारी दी थी। उन्होंने पत्नी को कॉल कर इसके बारे में बताया था। पत्नी की बेटी से बातचीत हुई थी। उन्हें ही सारी जानकारी है। वह एक दो दिन में अपना बयान देंगी। पुलिस ने कोर्ट के तीन लिपिकों के भी बयान लिए।
सीनियर डिवीजन सिविल जज के कोर्ट में तैनात नेहा ने शनिवार दोपहर कचहरी की छठवीं मंजिल की छत से कूदकर जान दे दी थी। वह पांच माह पूर्व ही तैनात हुई थीं। परिजनों ने पेशकार और चपरासी पर बेटी को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। कोतवाली पुलिस ने पेशकार की ओर से अज्ञात के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की। नेहा ने कूदने से पहले माता और पिता से बातचीत की थी। पुलिस ने दोनों को बयान के लिए बुलाया। उनकी मां बीमार होने की वजह से गुरुवार को बयान देने के लिए नहीं आ सकीं। पिता ने बयान दिए।
कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि पिता गोविंद प्रसाद ने बयान में बेटी द्वारा अधिकारियों से शिकायत करने की जानकारी दी है। कोर्ट के तीनों लिपिक ने बयान में कहा है कि नेहा किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करती थी। उसका अपने काम पर ही ध्यान रहता था। प्रताड़ित करने के संबंध में कोई जवाब नहीं दिया है।