कानपुर में मुसलमानों ने लगाए आईएसआईएस के खिलाफ नारे
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शुक्रवार को जुमे की नमाज़ अदा करने के बाद मुस्लिम समुदाय सड़क पर उतर आया और इराक, फिलिस्तीन और यमन में हो रहे आतंकी हमले का विरोध जमकर विरोध किया। उन्होंने अमेरिका व इजराइल पर दहशतगर्दी बढ़ाने का आरोप लगाया।
आखरी जुमे को अंतर्राष्ट्रीय कुदस दिवस के रूप में मनाया जाता है। कुदस का मतलब है जुल्म व आतंकवाद के खिलाफ आवाज बुलंद करना। जोहर की नमाज़ अदा करने के बाद शिया समुदाय के लोगो ने ISIS, अमेरिका और इजराइल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाये।
कानपुर में जूही स्थित जामा मस्जिद पर शिया समुदाय ने काली पट्टी बांध कर आतंकवाद के खिलाफ नमाज़ अदा की। भारतीय मुसलमानों ने अमन और शांति के लिए दुआ की कहा यह मुल्क हमें अपनी जान से ज्यादा प्यारा है। हम किसी भी हाल में देश में ISIS की आतंकी गतिविधियों को बर्दाश्त नही करेंगे। वह अपने पैर इंडिया में जमाना चाहता है लेकिन उनके मंसूबो को हम कामयाब नही होने देगे।
मौलाना अलमदार हुसैन के मुताबिक आज हमने विरोध प्रदर्शन किया है। जितने भी दहशत गर्दी फ़ैलाने वाले आतंकी संगठन है मजलूमों का खून बहा रहे है। यमन में, फिलिस्तीन में, इराक में और सीरिया में जहा भी आतंकवाद है हम उसके खिलाफ है।
हम अपनी आवाज बुलंद करके यह बताना चाहते है कि हम हिंदुस्तान में जरूर रहते है लेकिन हमारी सहानभूति आप के साथ है। हमे अपनी कौम को बताना है कि ISIS ने जो आतंक फैला रखा है। हमारे यहां भी कितने एजेंट पकडे गए है। यह हिंदुस्तान को भी निशाना बनाना चाहते है।
मौलाना अली अब्बास के मुताबिक यह आखिरी जुमा है जिसे कुदस के रूप में मनाया जाता है जिस प्रकार से इजराइल ने फिलिस्तीन पर कब्ज़ा कर रखा है। हमने काली पट्टी बांध कर तानाशाही हुकुमतो के खिलाफ आवाज बुलंद करने की कोशिश की है।