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मुस्लिम शिक्षिका ने उर्दू में लिखी रामायण, कहा- रामकथा शांति और भाईचारे का देती है संदेश

Mon, 02 Jul 2018 08:04 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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माहे तलत सिद्दीकी, उर्दू में लिखी गई रामायण - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के कानपुर महानगर में सांप्रदायिक सौहार्द्र और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल करते हुए एक मुस्लिम शिक्षिका ने उर्दू में राम कथा लिखी है। इसमें विभिन्न मुस्लिम विद्वानों के समय-समय पर रामकथा के संबंध में लिखे गए विचारों का भी समावेश किया गया है। रामचरित मानस की तमाम चौपाइयों को भी उर्दू में लिखा गया। इनका भावार्थ भी दिया गया है।
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उर्दू में राम कथा लिखने वाली लेखिका माहे तलत सिद्दीकी चमनगंज स्थित जुबली गर्ल्स इंटर कालेज में हिंदी पढ़ाती हैं। उनकी मां हलीम डिग्री कालेज में उर्दू विभाग की अध्यक्ष रही हैं। सिद्दीकी ने बताया कि उन्होंने रामकथा लिखने का कार्य वर्ष 2016 में शुरू किया था जो इस वर्ष अप्रैल में पूरा हुआ है।

 
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माहे तलत सिद्दीकी द्वारा उर्दू में लिखी गई रामायण - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि मानस संगम परिवार के संस्थापक बद्री नारायण तिवारी ने उन्हें पुस्तक लिखने में सहयोग किया। साथ ही रामकथा के संदर्भ में मुस्लिम विद्वानों के कथन के संबंध में पुस्तकें भी दीं। इसके साथ ही उन्होंने रामचरित मानस भी पढ़ी। अपनी पुस्तक में सिद्दीकी ने सुंदर कांड, शबरी प्रसंग आदि के संबंध में भी विस्तार से लिखा है।

उनका कहना है कि रामकथा भी शांति और भाईचारे का संदेश देती है। उर्दू में लिखे होने की वजह से मुस्लिम समुदाय के लोग भी रामकथा को आसानी से पढ़ और समझ सकेंगे। इसे लिखने में उन्हें दो साल का समय लगा। उन्होंने कहा कि इसे उर्दू में लिखने के बाद मुझे अच्छा अहसास हो रहा है।
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