भारतीय निर्वाचन आयोग ने सूबे में विधानसभा चुनाव के लिए कमर कस ली है। कड़ी कार्रवाई करते हुए मसल्स और मनी पॉवर को रोका जाएगा। ऐसे में बाहूबली और धनबली नेताओं ने कोई भी हरकत की तो उनकी शामत आएगी। आयोग के कड़े रुख देख अभी से ऐसे नेताओंं की हालत पतली होती नजर आ रही है। सपा के बाहूबली नेता अतीक अहमद के साथ आमतौर पर हथियारों से लैस उनके समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता रहते हैं। लेकिन अतीक भी अब हथियारों और हथियारबंद समर्थकों से परहेज करते दिखाई दे रहे हैं। गुरुवार को इन्होंने बिना असलहा रोड शो करने की बात कही है।
इधर, आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त विजय देव ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2017 में मसल्स और मनी पॉवर नहीं चलने देंगे। क्रिटिकल (जहां झगड़े और बवाल की उम्मीद) और बर्नेबिल बूथों (अत्यधिक खतरनाक जहां वोट डालने से रोका जाता) पर वोटिंग का लाइव वेबकास्ट होगा। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर पैरा मिलेट्री फोर्स लगेगी। सेफ एंड सिक्योर पोजीशन में चुनाव कराया जाएगा।
कानपुर और झांसी मंडल की विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के बाद पत्रकारों से बातचीत में उप निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि दोनों मंडलों के अफसरों ने अच्छी तैयारी की है। बर्नेबिल बूथों का ब्योरा तैयार कर लिया गया है।
चुनाव में गड़बड़ी फैलाने की आशंका वाले आपराधिक प्रवृत्ति केलोगों को चिह्नित किया जा रहा है। पैरामिलेट्री फोर्स के साथ ही माइक्रो आर्ब्जवर लगाए जाएंगे। 18 से 19 साल के ज्यादा से ज्यादा वोटर बनाने को कहा गया है। जरूरी समझे जाने वाले मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। नि:शक्तजनों को वोट डालने के लिए विशेष बंदोबस्त किए जाएंगे। इस दौरान प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी टी वेंकटेश भी मौजूद रहे।