जमीन के लालच में भतीजे ने बांका मारकर चाचा की सरेआम की हत्या
-घटना के बाद हत्यारोपी बांका सहित कोतवाली पहुंचा, पुलिस ने किया गिरफ्तार
फोटो12एयूआरपी 14- मृतक सरमन लाल फाइल फोटो
फोटो12एयूआरपी 15- मौके पर घटना की जानकारी करतीं एसपी सुनीति व मौजूद लोगों की भीड़ व पुत्र के शव से लिपटकर रोती-बिलखती मां द्रोपदी
फोटो12एयूआरपी 24- कोतवाली में मौजूद हत्यारोपी अजीत उर्फ पच्चीलाल
अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जनेतपुर धौरेरा में शुक्रवार की सुबह जमीन के लालच में भतीजे ने अपने सगे चाचा की धारदार हथियार मारकर हत्या कर दी। जानकारी होते ही इंस्पेक्टर सदर कोतवाली पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। इसके उपरांत सीओ सिटी भी मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। इधर कोतवाली पुलिस गांव में प्रकरण की जांच पड़ताल कर रही थी। तो वहीं दूसरी ओर घटना को अंजाम देने के बाद हत्यारोपी खून से सना उक्त धारदार हथियार समेत कोतवाली पहुंच गया। जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि इस मामले में पुलिस का कहना है कि उन्होंने हत्यारोपी को घटना को अंजाम देने के बाद भागते समय गांव के बाहर हत्या में प्रयुक्त बांका सहित गिरफ्तार किया है।
ग्राम जनेतपुर धौरेरा में शुक्रवार की सुबह गांव निवासी सरमन लाल (40) पुत्र राम सिंह घर से थोड़ी ही दूर स्थित तालाब के पास बैठा था। इसी बीच वहां पहुंचे उसके सगे भतीजे अजीत उर्फ पिच्ची लाल पुत्र बलवंत सिंह से जमीन को लेकर विवाद हो गया। जिस पर अजीत ने हाथ में मौजूद धारदार हथियार से उसकी गर्दन पर लगातार कई प्रहार किए। जिससे सरमन बुरी तरह से लहूलुहान होकर वहीं गिर गया। थोड़ी देर छटपटाने के बाद उसने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी तत्काल यूपी डायल 100 पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कोतवाली इंस्पेक्टर आलोक कुमार दुबे पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। जहां उन्होंने मामले की जांच की। थोड़ी देर बाद सीओ सिटी श्यौदान सिंह भी मौके पर पहुंचे और घटना के संबंध में जानकारी ली। हत्या की खबर फैलते ही मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। उधर युवक की हत्या की खबर मिलते ही एसपी सुनीति मौके पर पहुंची और हत्या के कारणों की जानकारी ली। इस दौरान पुलिस ने युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एक तरफ कोतवाली पुलिस गांव में इस प्रकरण की जांच करने में जुटी थी। तो दूसरी ओर हत्यारोपी हत्या में प्रयुक्त खून से सना धारदार हथियार लेकर कोतवाली पहुंच गया। अचानक अज्ञात व्यक्ति के हाथों में खून सना हथियार देखकर वहां मौजूद पुलिस कर्मी आश्चर्य में पड़ गए। कोतवाली में हत्यारोपी ने मौजूद पुलिस कर्मियों को अपने चाचा की हत्या करने की जानकारी दी। जिस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में एसपी सुनीति ने बताया कि हत्यारोपी युवक अजीत अपने चाचा की हत्या करके भाग रहा था। जिस पर पुलिस ने उसे गांव के बाहर से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही हत्या में प्रयुक्त बांका भी बरामद कर लिया है।
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मृतक के भाई से मिली जमीन बनी हत्या की वजह
औरैया। हत्या की घटना के पीछे मृतक सरमन लाल के भाई अशोक राजपूत द्वारा लगभग डेढ़ साल पहले अपने हिस्से की एक बीघा जमीन को मृतक सरमन लाल के नाम कर दी थी। ग्रामीणों ने बताया कि अशोक टीवी की बीमारी से ग्रसित था। इस दौरान सरमन लाल ने उसकी बहुत सेवा की। इसी बात से खुश होकर अशोक ने अपनी मर्जी से अपने हिस्से की जमीन सरमन को दे दी थी। इसकी जानकारी जब हत्यारोपी अजीत को लगी तो वह उक्त जमीन का आधा हिस्सा लेने के लिए अपने चाचा सरमन पर दबाव बनाने लगा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। जिसमें मौका पाकर अजीत ने आज अपने चाचा की हत्या कर दी।
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गांव की गलियों में चिल्लाता हुआ निकला हत्यारोपी, मेरा काम हो गया
औरैया। शुक्रवार को जमीनी विवाद को लेकर चाचा सरमन लाल की हत्या करने के बाद हत्यारोपी अजीत उर्फ पच्ची लाल हाथों में खून से सना धारदार हथियार लहराता हुआ गांव की गलियों में मेरा काम हो गया, अब मुझे कोई चिंता नहीं चिल्लाता हुआ निकला। जिस पर ग्रामीणों में भय व्याप्त रहा।
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चार भाईयों में सबसे छोटा था मृतक, दो भाईयों की पहले हो चुकी है मौत
औरैया। घटना में मृत हुए सरमन लाल चार भाई थे। जिसमें सबसे बड़ा भाई बलवंत फिर उसके बाद जसवंत व अशोक थे। इनमें से जसवंत की लगभग चार साल पहले कानपुर में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। वहीं अशोक की भी बीमारी के चलते मौत हो गई थी। वहीं शुक्रवार को बलवंत के पुत्र अजीत ने सरमन लाल की हत्या कर दी।
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लाड़ले पुत्र के शव से लिपट कर बिलखती रही वृद्ध मां
औरैया। अपने दो पुत्रों को गवां चुकी 70 वर्षीय वृद्ध द्रोपदी अपने सबसे छोटे और लाड़ले पुत्र सरमन लाल की हत्या की खबर सुनते ही घटना स्थल की तरफ दौड़ पड़ी। जहां अपने पुत्र के खून से लथपथ शव देखकर वहीं गिर पड़ी। थोड़ी देर में होश आने पर वह अपने पुत्र के शव से लिपट कर बिलखती रही। चूंकि वृद्धा द्रोपदी अपने इसी मृतक पुत्र सरमन के साथ रहती थी। सरमन खेती करके अपना गुजर बसर करता था। उसकी मौत के बाद अब वृद्धा का सहारा भी छिन गया। जिस पर वह रोते-रोते कह रही थी कि अब मैं कहां जाऊंगी और किसके साथ रहूंगी।