कानपुर। नरेंद्र उर्फ पिंटू सेंगर हत्याकांड का शुक्रवार को एसपी पूर्वी ने खुलासा कर दिया। एसपी पूर्वी ने बताया कि पप्पू स्मार्ट, करोड़पति सिपाही और प्रॉपर्टी डीलर मनोज गुप्ता समेत पांच लोगों ने मिलकर 40 लाख की सुपारी देकर शूटरों से पिंटू की हत्या कराई थी। हत्याकांड में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अन्य की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि हरजेंदर नगर लाल बंगला निवासी पप्पू स्मार्ट ने रंजिश के चलते सउद अख्तर, चकेरी काजीखेड़ा निवासी प्रापर्टी डीलर मनोज गुप्ता, जेके कॉलोनी निवासी प्रापर्टी डीलर वीरेंद्र पाल को अपने साथ मिलाया। ये सब भी पिंटू सेंगर से खुन्नस रखते थे। इसके बाद 40 लाख रुपये में रेलबाजार निवासी शूटर हैदर को 40 लाख की सुपारी दी। इन सभी ने आपस में चंदा कर 40 लाख रुपये जुटाए। पिंटू सेंगर से परेशान सपा नेता शुभान अल्ला ने भी दो लाख रुपये मिलाए।
डिफेंस कॉलोनी जाजमऊ निवासी टेनरी मालिक तनवीर बादशाह और पप्पू के भाई तौसीफ उर्फ कक्कू के शामिल होने के साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस ने पप्पू स्मार्ट, तौसीफ, मनोज गुप्ता, सिपाही श्याम सुशील मिश्रा, वीरेंद्र पाल और तनवीर बादशाह को जेल भेज दिया है। एसपी पूर्वी के अनुसार शूटर हैदर, उसके तीन साथी और सपा नेता शुभान अल्लाह अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रॉपर्टी का विवाद और करोड़ों के लेनदेन की वजह से पिंटू की सुपारी दी गई थी। अधिकारी के अनुसार नामजद दो अधिवक्ता और महफूज अख्तर को अभी क्लीनचिट नहीं दी गई है। जांच में अगर उनका हाथ भी सामने आया तो कार्रवाई होगी।