पुखरायां। भोगनीपुर निवासी विहिप कार्यकर्ता की मौत पर तीसरे दिन गुरुवार को विरोध के चलते पुलिस ने तीन महिलाओं सहित छह लोगों के खिलाफ हत्या और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान कई थानों का पुलिस बल तैनात रहा।
भोगनीपुर निवासी अभिषेक उर्फ मोनू (20) की मौत के बाद से परिजन कार्रवाई की मांग कर रहे थे। गुरुवार को परिवार के लोगों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। परिजन व विहिप कार्यकर्ता मारपीट किए जाने के मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज किए जाने की मांग करने लगे। घर के बाहर शव रख हंगामा होने की जानकारी पर भोगनीपुर थाना पुलिस के साथ ही अकबरपुर, बरौर, मूसानगर, देवराहट थानों की पुलिस जा पहुंची। एसडीएम देवेंद्र सिंह, भोगनीपुर सीओ संजय वर्मा, अकबरपुर सीओ संजय सिंह ने पहुंच कर परिवार के लोगों से वार्ता की।
मोनू की मां पुष्पा पत्नी सुभाष ने बताया कि गैर धर्म की युवती के साथ मोनू ने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया था। 18 अक्तूबर 2025 को वह पत्नी को लेकर चेन्नई चला गया था। युवती को ले जाने की रिपोर्ट मोनू के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। 14 नवंबर को कोर्ट में युवती ने मोनू पर लगाए गए सभी आरोपों को नकार कर स्वेच्छा से विवाह करना बताया था। इसके बाद युवती के परिजनों ने दोनों को घर बुलाना शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि बाद में पुत्र अवधेश उर्फ मोनू पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगे। कहा कि रिश्ता तभी हम मंजूर करेंगे। तभी पुत्र और बहू नोएडा जाकर रहने लगे।
इसके बाद दो जनवरी को सभी लोग नोएडा जाकर दोनों को वहां से लेकर आए। इस पर मोनू की पत्नी भी धर्म परिवर्तन के लिए कहने लगी। पांच जनवरी को मांवर मजार ले जाकर मौलवी से धर्म परिवर्तन कराए जाने का दबाव बनाया। सात जनवरी को घर पर मौलवी बुलाकर धर्म परिवर्तन कराने का दबाव बनाया। ऐसा नहीं करने पर मोनू की पत्नी गहने भी ले गई। आरोप लगाया कि इसके बाद 18 जनवरी को शहंशाह खां, सरताज खां उर्फ कल्लू , दिलशाद खां, अफसाना, बबली व युवती ने मोनू को मकान के पीछे ले जाकर मारपीट कर घायल कर दिया था। इलाज के दौरान में मंगलवार को निजी अस्पताल अकबरपुर में मौत हो गई।
बता दें कि विहिप कार्यकर्ता की मौत पर बुधवार शाम संगठन के लोग व कार्यकर्ताओं ने भोगनीपुर चौराहा पर शव रखकर विरोध जताया था। थानाध्यक्ष सतीश कुमार ने परिजनों को सुरक्षा व जांच कराने कर आश्वासन दिया था। सीओ संजय वर्मा ने बताया कि परिजन की तहरीर पर तीन महिलाओं सहित छह के खिलाफ हत्या, धर्म परिवर्तन का दबाव बनाए जाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके बाद परिजन ने यमुना घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।