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Farrukhabad Hostage Case Live: आरोपी की मौत के बाद पत्नी ने भी अस्पताल में तोड़ा दम

Fri, 31 Jan 2020 09:34 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

खास बातें

यूपी के फर्रुखाबाद में चोरी के मामले में फंसे हत्यारोपी ने गांव वालों से रंजिश के तहत गुरुवार को बेटी के जन्म दिन के बहाने 23 बच्चों को घर बुलाकर बंधक बना लिया। कथरिया गांव के एक मकान में तहखाने में रखे गए बच्चों को मुक्त कराने पहुंची स्वाट टीम पर छत से कई फायर किए। उसने दो सिपाहियों व मुखबिरी करने वाले ग्रामीण को सामने बुलाने की मांग की। कोतवाल पहुंचे तो उन पर भी फायरिंग की और हथगोला फेंका। कोतवाल व दीवान हथगोले की गिट्टी से जख्मी हो गए। हत्यारोपी ने पुलिस अधीक्षक और विधायक की मौजूदगी में समझाने को बढ़े ग्रामीणों पर फायर किया। ग्रामीण के पैर में गोली लगी। खबर है कि देर रात सभी बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित बचा लिया और आरोपी सुभाष को घर में घुसकर मार गिराया। इसके अलावा सुभाष की पत्नी ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। सीएम योगी ने पुलिस को 10 लाख रुपए के ईनाम की घोषणा की है। 
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सुरक्षित लौटे बच्चे - फोटो : अमर उजाला
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लाइव अपडेट

09:28 AM, 31-Jan-2020

फर्रुखाबाद में लोगों की पिटाई के बाद घायल हुई सुभाष की पत्नी रूबी ने भी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सभी 23 बच्चों को पुलिस ने 11 घंटे बाद गुरुवार देर रात मुक्त कराया था।
 

06:11 AM, 31-Jan-2020

सुभाष की पत्नी अस्पताल में

सुभाष की पत्नी रूबी को 3:55 पर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गयाl

05:57 AM, 31-Jan-2020

उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि बच्चों को मुक्त कराने का अभियान आठ घंटे चला। हमने अपहरणकर्ता से बात करके बच्चों को छोड़ने के लिए राजी करने की कोशिश की लेकिन हमें पता चला कि उसके पास हथियार है और हथगोला भी। उसने धमाका करने की धमकी भी दी। 



उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि सभी बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और अपहरणकर्ता पुलिस कार्रवाई में मारा गया है। 

 

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02:14 AM, 31-Jan-2020

पुलिस टीम को दिया 10 लाख का ईनाम

फर्रुखाबाद में बंधक बनाए गए सभी 23 बच्चों को पुलिस ने 11 घंटे बाद छुड़ाया, मुठभेड़ में बदमाश मारा गया, सीएम ने पुलिस टीम को दिया 10 लाख का ईनाम।

02:07 AM, 31-Jan-2020

बच्चे मुक्त, एनएसजी टीम वापस

आईजी के पहुचते ही एक्शन में आई पुलिस ने किडनैपर को मुठभेड़ में मार कर बच्चो को कराया मुक्त। दिल्ली से आगरा तक पहुच चुकी एनएसजी कमांडो की टीम को वापस लौटाया गया। एटीएस टीम अभी भी मौके पर मौजूद।

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01:05 AM, 31-Jan-2020

बच्चे सुरक्षित, पुलिस मुठभेड़ में आरोपी की मौत

खबर है कि 12 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल निकाल लिया है। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि  बच्चों को बचाने के लिए पुलिस आरोपी के घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी। इसी दौरान आरोपी ने बचने के लिए पुलिस पर फायर किया जिसके बाद पुलिस मुठभेड़ में आरोपी को मार गिराया गया।

12:54 AM, 31-Jan-2020

गेट तोड़ना शुरू

पुलिस ने आरोपी अपहरणकर्ता सुभाष के घर का गेट तोड़ना शुरू किया।

12:16 AM, 31-Jan-2020

दोस्तों के कहने पर छह माह की शबनम को किया मुक्त

गांव करथिया निवासी आदेश कुमार का पुत्र लव और पुत्री सोनम अपने साथ छह माह की बहन शबनम को लेकर आरोपी सुभाष के घर दोपहर में दो बजे गए थे। दोनों भाई बहन के साथ छह माह की शबनम को भी सुभाष ने बंधक बना लिया था। पुलिस ने बच्चों को मुक्त कराने के लिए सुभाष के दोस्तों से मदद ली तो दोस्तों के काफी प्रयास के बाद रात करीब 11:30 बजे सुभाष ने बेसमेंट के पास पड़ी टिन शेड में खाली जगह से अपने दोस्त को शबनम को पकड़ा कर मुक्त कर दिया।

12:15 AM, 31-Jan-2020

डाक्टरों की टीम के साथ सीएमओ गांव पहुंचे

बच्चों के मुक्त होने पर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किए जाने के लिए डीएम ने सीएमओ और उनकी टीम को तलब कर लिया है। सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर ने चार एंबुलेंस व डॉक्टरों की टीम के साथ देर रात गांव करथिया पहुंच कर डेरा जमा लिया है।

11:59 PM, 30-Jan-2020
बच्ची को बाहर लेकर निकलता पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला

पुलिसकर्मी शबनम को गोद में लेकर बाहर निकला। 

11:46 PM, 30-Jan-2020

दिल्ली से एनएसजी टीम रवाना

एडीजी जोन जय नारायण सिंह ने बताया कि दिल्ली से एनएसजी टीम रवाना हो गई है जो कुछ घंटे में फर्रुखाबाद पहुंच जाएगी। आईजी मोहित अग्रवाल पहुंच चुके हैं। कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ है। एक शख्स के पैर में गोली लगी है। उसका उपचार हो रहा है। कल शुक्रवार और बिठूर शोभायात्रा को देखते हुए शासन की तरफ से मुझे कानपुर में ही रुकने का निर्देश मिला है।

11:32 PM, 30-Jan-2020

एक बच्चे को बचाया गया

वहीं, हत्यारोपी के चुंगल से एक बच्चे को बचा लिया गया है। लेकिन अब भी 20 बच्चे फंसे हुए हैं। 

11:16 PM, 30-Jan-2020

बिस्कुट, सिगरेट के बाद मांगा प्रधानमंत्री आवास

बच्चों को बंधक बनाने वाले ग्रामीण सुभाष ने बिस्कुट व सिगरेट की मांग पूरी होने के बाद देर रात प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाने की मांग की। वहां मौजूद अधिकारियों ने आवास दिए जाने का आश्वासन देकर बच्चों को मुक्त किए जाने की बात कही, इसके बाद भी सुभाष ने बच्चों को मुक्त नहीं किया। 

बच्चों को दो बजे बुला लिया था घर 

मोहम्मदाबाद। सुभाष ने बच्चों को अपने घर दोपहर को करीब दो बजे बुला लिया था। उसने कुछ बच्चों को बेटी के जन्म दिन पर टाफी खिलाने का लालच दिया तो किसी को घर में सजावट करने के बहाने बुला लिया। इसके बाद उसने किसी बच्चे को बाहर नहीं निकलने दिया। चार बजे तक बच्चे घर वापस नहीं पहुंचे तो बच्चों के परिजनों को चिंता हुई। तभी उसने छत पर चढ़ कर हंगामा कर दिया। बताया गया कि सुभाष कुछ दिन पहले भी अपनी बेटी का जन्म दिन मना चुका है। 

अंदर बैठा पीता रहा शराब  

सिगरेट पहुंचाने के दौरान उसकी आवाज से लगा रहा था कि वह और अधिक नशे में हो गया है। इससे आशंका जताई गई कि वह अंदर बैठा शराब पीता रहा। 

11:15 PM, 30-Jan-2020

डीजीपी और डीएम और एसपी से पल-पल ले रहे खबर

बच्चों को बंधक बनाने के मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान लेने के बाद डीजीपी एसपी और डीएम से पल-पल की खबर ले रहे हैं। सुभाष बाथम किस-किस चीजों की मांग कर रहा है और बच्चों को बंधक मुक्त कराने का क्या प्रयास किया जा रहा है। हर बात पर डीजीपी जानकारी ले रहे हैं

11:05 PM, 30-Jan-2020

फर्रुखाबादः आरोपी की मौत के बाद पत्नी ने भी अस्पताल में तोड़ा दम, सभी बच्चे सुरक्षित

कथरिया गांव में गुरुवार को सुभाष बाथम की बेटी गौरी (5) का जन्मदिन था। सुभाष ने बेटी के जन्मदिन को धूमधाम से मनाने का निर्णय किया। उसने मोहल्ले के 21 बच्चों को आमंत्रित किया। बच्चों ने जन्मदिन मनाया। फिर इन बच्चों को बाथम ने शाम चार बजे तहखाने में बंद कर दिया। इसके बाद शराब के नशे में छत पर चढ़ गया। वहां वह चीखने लगा कि अब उसे पुलिस से पकड़वाने का नतीजा भुगतना पड़ेगा। गांव वालों की सूचना पर कोतवाल फोर्स के साथ पहुंचे। उन्होंने सुभाष को बाहर निकलने के लिए कहा तो वह तमंचा ले आया और पुलिस को ललकारते हुए फायरिंग करने लगा। चार-पांच फायर करने के बाद हथगोला फेंका। 

घटना से गांव में दहशत फैल गई। हथगोले से निकली गिट्टी कोतवाल राकेश कुमार के हाथ में व दीवान जयवीर यादव के पैर में लगी। इस बीच सुभाष कमरे में गया तो मौका देख पुलिस छत पर पहुंच गई और सुभाष को कमरे से निकालने की कोशिशें करने लगी। सूचना पर कई थानों की फोर्स भी आ गई। एसपी डॉ. अनिल मिश्रा, एएसपी त्रिभुवन सिंह, सीओ राजवीर सिंह, स्वाट टीम प्रभारी दिनेश गौतम, जहानगंज एसओ पूनम जादौन व भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह राठौर भी पहुंच गए। विधायक ने आवाज लगाकर सुभाष से कहा कि तुम बच्चों को छोड़ दो, मैं तुम्हारे प्रकरण में बात कर समस्या का निस्तारण कराऊंगा। इस पर सुभाष ने गांव के लल्लू सिंह, बालू दुबे समेत स्वाट टीम के सिपाही सचेंद्र व अनुज तिवारी को बुलाने के बाद ही बच्चों को छोड़ने की बात कही। बालू दुबे ने सुभाष से गेट के पास जाकर बात की और भरोसा दिया कि उसको न्याय मिलेगा। अचानक सुभाष ने गेट के नीचे से बालू दुबे पर फायर कर दिया। उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया। 

सुभाष ने अंदर से आवाज देकर विधायक, स्वाट के दोनों सिपाहियों व गांव के लालू तिवारी को बुलाने पर ही बच्चों को छोड़ने की बात कहकर पुलिस पर दबाव बनाया। सुभाष ने एसपी को बताया कि लालू तिवारी की मुखबिरी पर ही अकारण चार माह पहले स्वाट टीम ने उसको पकड़कर प्रताड़ित किया था।
2001 में हुई थी हत्या, जमानत पर बाहर आया

सुभाष पर गांव के मेघनाथ की 2001 में हत्या कर करने का आरोप है। उस मामले में वह जमानत पर चल रहा है। करीब चार माह पूर्व स्वाट टीम उसे चोरी के मामले में पकड़ ले गई थी। तभी से वह मोहल्ले के लोगों से रंजिश मानता है। उसका कहना है कि मोहल्ले के लालू तिवारी ने ही उसे पकड़वाया था। उसने अपनी चार बीघा जमीन बेच डाली है। वह अब धोखाधड़ी कर ही परिवार की गुजर बसर कर रहा है। गांव के लोग उसके सनकीपन के कारण उससे बोलने से भी घबराते हैं। जमानत पर बाहर आने के बाद सुभाष ने गांव की रुबी कठेरिया से प्रेम विवाह किया था। उसने एक वर्ष पहले अपनी मां को मारपीट कर भगा दिया था। तब से मां कहीं रिश्तेदारी में रहने लगी हैं। 

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