फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: नोटिस देकर 450 जर्जर मकानों को भूला नगर निगम

विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर। शहर में करीब 450 मकान जर्जर और गिराऊ हालत में हैं। 90 साल या इससे अधिक पुराने यह जर्जर मकानों को गिराने का नोटिस देकर नगर निगम भूल गया।
विज्ञापन

शुक्रवार को हुई आधे घंटे की बारिश के बाद जोन-1 अंतर्गत आने वाले बेकनगंज में एक जर्जर मकान का छज्जा गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी। यहां आसपास भी कई जर्जर मकान हैं। अभी मानसूनी बारिश शुरू नहीं हुई है लेकिन अभी भी जर्जर मकानों को खाली नहीं किया गया। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, शहर के अलग-अलग हिस्सों में करीब 450 जर्जर और गिराऊ मकान घोषित किए गए हैं। इतने ही मकान और जर्जर हैं जिन्हें अभी गिराऊ घोषित नहीं किया गया है। सबसे ज्यादा जर्जर मकान जोन-1 व 4 में हैं जिनकी संख्या 225 है। इन मकानों को खाली करने का नोटिस दिया जा चुका है। अकेले जोन-1 में ही इन जर्जर मकानों में करीब पांच हजार से अधिक लोग रह रहे हैं।
बारिश आने से पहले नगर निगम में ऐसे शिकायती पत्रों की बाढ़ आ जाती है जिसमें लोग खुद कहते हैं कि मकान जर्जर है गिरा दें। गिराऊ भवन की सूचना पर नगर निगम की टीम भौतिक जांच कर नगर निगम अधिनियम के तहत मकान मालिक को नोटिस देता है और खुद ही मकान गिरवाने के निर्देश देता है। खुद पर जिम्मेदारी न आए इसके लिए चेतावनी भी दी जाती है कि यदि इस दौरान कोई दुर्घटना हुई तो उसकी पूरी जिम्मेदारी मकान मालिक की होगी।
विज्ञापन



यहां सबसे ज्यादा गिराऊ मकान
लक्ष्मीपुरवा, लाठीमोहाल, सिरकीमोहाल, नौघड़ा, बांसमंडी, जवाहरनगर, नेहरूनगर, चंद्रनगर, पीरोड, अनवरगंज, बेकनगंज, बंदरिया हाता, लाटूश रोड, चमनगंज, फहीमाबाद, कछियाना, चटाई मोहाल, नयागंज, मनीराम बगिया, टोपी बाजार, मछलीबाजार, हरबंशमोहाल, जूही नहरिया, पुराना कानपुर, कर्नलगंज, चमनगंज, बादशाहीनाका, ग्वालटाली, चंद्रनगर, ब्रह्मनगर, गुमटी, कौशलपुरी आदि।

कोर्ट में चल रहे केस

नगर निगम भवनों को गिराने का खर्च मकान मालिक से लेता है। इन जर्जर मकानों में से अधिकतर मकान ऐसे हैं, जिनका केस कोर्ट में चल रहा है और फैसले का इंतजार है। मकान मालिक और किराएदार के बीच विवाद के कारण भी कई मकान खाली नहीं हो पा रहे हैं, जिसकी वजह से नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं करता है।


कुछ पुराने हादसे
24 जुलाई 2022 को घंटाघर में जर्जर मकान की पहली मंजिल गिरने से दिव्यांग की मौत, तीन घायल।

29 अक्टूबर 2022 को हीरामन का पुरवा में जर्जर मकान तोड़ने के दौरान छज्जा गिरने से बच्ची की मौत।

06 अगस्त 2025 को नौघड़ा में जर्जर मकान गिराने में पांच मजदूर घायल।

नवंबर 2025 में अफीमकोठी में जर्जर मकान की गिरने से प्लंबर समेत दो घायल।.
22 दिसंबर 2025 को बेकनगंज के तलाक महल में जर्जर मकान का आगे का हिस्सा गिरा, 6 घायल।

31 मार्च 2026 को बेकनगंज पानी की टंकी के पास जर्जर मकान गिरने से पांच लोग घायल।



जोनवार जर्जर मकानों की सूची

जोन-1 में 225, जोन-2 में 07, जोन-3 में 47, जोन-4 में 125, जोन-5 में 20, जोन-6 में 25


वर्जन
जब भी कोर्ट या दूसरे माध्यमों से जर्जर मकान की सूचना आती है तो संबंधित जोन के अभियंता से सर्वे कराया जाता है। उनकी तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर जर्जर मकान के गिराने का नोटिस मकान मालिक को दिया जाता है कि मकान गिराऊ हालत में है इसे गिरवा ले, कोई हादसा होने पर नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं होगी। सबसे ज्यादा जर्जर मकान जोन-1 व 4 में हैं.
विज्ञापन


-अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त


संकरी गलियों में खोदे जा रहे बेसमेंट पर होगी सख्ती
कानपुर। दिल्ली के एक होटल के बेसमेंट में लगी आग की घटना के बाद केडीए बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई कर रहा है। बेसमेंट में बने होटल, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों को सील किया जा रहा है। केडीए सचिव अभय कुमार पांडेय ने बताया कि करीब 100 बेसमेंट पर कार्रवाई की जा रही है। सीलिंग के साथ ही दोबारा बेसमेंट में फिर से गतिविधियां शुरू न हो इसकी निगरानी भी की जा रही है। संकरी गलियों में अवैध रूप से खोदे जा रहे बेसमेंट को लेकर भी जांच शुरू की गई है। हटिया बर्तन बाजार में भी टीम भेजी गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें