शिवली (कानपुर देहात)। शिवली थाना क्षेत्र के भेवान मजरा नवल निवादा में रविवार देर रात तेज बारिश के बीच कच्चा मकान ढहने से मलबे में दबकर मां-बेटी की मौत हो गई। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला और सीएचसी शिवली पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
नवल निवादा निवासी शिव कुमार ने बताया कि मां शांति देवी (70), बहन नीलू (30) के साथ गांव के कच्चे मकान में रह रही थी। रविवार रात बारिश के बीच मकान की छत ढह गई। मलबे में दोनों दब गई। रात करीब 2:40 बजे डायल 112 को सूचना दी। अधिकारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को मलबे से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवली ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी पर एसडीएम प्रतिभा मिश्रा, तहसीलदार संतोष सिंह, कानूनगो और लेखपाल कामता मिश्रा समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। भाई ने अधिकारियों को बताया कि बहन नीलू विधि की छात्रा थीं और मैथा तहसील में प्रैक्टिस करती थीं जबकि मां खेती-किसानी का कार्य करती थीं। उनके पिता रामेश्वर की कुछ वर्ष पहले मौत हो चुकी है। एक भाई राजेश कुमार ट्रक चालक है। मां-बेटी की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अनहोनी पर शांति देवी की बेटी चमेली, सावित्री, संगीता, नन्हकी, पुत्र राजेश कुमार बिलखते रहे। थानाध्यक्ष अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है।
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आवास के लिए आवेदन, नहीं मिला लाभ
मां-बेटी की मौत के बाद लोग आवास योजना को लेकर चर्चा करते रहे। इधर, शांति देवी के बेटे शिव कुमार ने बताया कि मां और बहन कच्चे मकान में रहती थी। उन्होंने आवास योजना के तहत आवेदन किया था लेकिन उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया था। यदि समय रहते आवास मिल गया होता तो शायद यह हादसा टल सकता था।
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बयान.......
कच्चा मकान गिरने से मां-बेटी की मौत हुई है। मृतकों के परिजनों को आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के लिए प्रक्रिया की जा रही है। जल्द ही परिवार को मदद दी जाएगी। - दुष्यंत कुमार मौर्य, एडीएम वित्त एवं राजस्व