कानपुर। सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में मंगलवार को जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक हुई। जनप्रतिनिधियों ने नगर निगम के कार्य, सड़क निर्माण में अनदेखी और शराब बिक्री की मनमानी पर अधिकारियों की क्लास लगाई। सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने सीएम ग्रिड योजना के तहत बनाई जाने वाली सड़कों का नगर निगम पर गलत तरीके से टेंडर जारी करने का आरोप लगाया। कहा कि अधिशासी अभियंता दिवाकर भास्कर से जांच के लिए कई बार कहा लेकिन नहीं की। डीएम से जांच कराने के लिए कहा। इससे पहले टीएसएच की जांच कराने की मांग की थी। कई आईएएस अफसरों ने जांच की लेकिन सही रिपोर्ट देने के बजाय लीपापोती कर दी। अधिकारियों से पूछा कि ऐसा क्यों किया तो उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली।
बैठक में भोले और रमेश अवस्थी ने नगर निगम के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। करीब 92 करोड़ से बनाए गए कन्वेंशन सेंटर और बृजेंद्र स्वरूप पार्क स्थित जमीन को किसी संस्था को देने पर आपत्ति उठाई गई। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इस मामले की तकनीकी जांच कराने को कहा। सांसद रमेश अवस्थी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बृजेंद्र स्वरूप स्थित जमीन को जेसीआई को कैसे दे दिया गया। इसकी भी जांच होनी चाहिए। इस जमीन पर जेसीआई की ओर से भवन बनाया जा रहा है जिसे लोगों को शादी आयोजन में देने की बात कही जा रही है। इसी तरह चुन्नीगंज कन्वेंशन सेंटर को तकनीकी जांच के बाद ही हस्तांतरित करने की बात कही गई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद अशोक रावत ने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र भेजने के लिए कहा। इससे पहले पुरानी बैठक में दिए गए जनप्रतिनिधियों के निर्देशों की समीक्षा की गई। पिछले दिनों कन्वेशन सेंटर को बिना उद्घाटन के ही एक संस्था को कार्यक्रम कराने के लिए दे दिया गया था।
अध्यक्ष अशोक रावत कन्नौज से बिल्हौर राजमार्ग के बीच बनाए जाने वाले सात फीट लंबे ओवरब्रिज की टेंडर प्रक्रिया में लेटलतीफी होने पर एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव पर भड़क गए। बोले, पैसा दो साल से खाते में पड़ा है लेकिन टेंडर नहीं करा पाए। इस पर परियोजना निदेशक ने बताया कि टेंडर हो गया जल्द निर्माण शुरू होगा। इसी बीच विधायक नीलिमा कटियार ने एलिम्को के सामने बनने वाले ओवरब्रिज को लेकर सवाल किया तो अधिकारियों ने अक्तूबर के अंत में काम शुरू होने की बात कही।
जीटी रोड के गड्ढों का भी उठा मुद्दा
सांसद रमेश अवस्थी ने जीटी रोड के गड्ढे न भर पाने पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को फटकारा। कहा कि अभी तक आप लोग टेंडर प्रक्रिया पूरी नही कर पा रहे हैं, मजाक बना रखा है। एक सप्ताह में जो भी समस्या हो मेट्रो, एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी जिलाधिकारी के साथ बैठक कर निस्तारित करें। इसके लिए डीएम ने तुरंत 27 अक्तूबर को अधिकारियों के साथ बैठक करने की बात कही।
आबकारी अधिकारी ने समिति को किया गुमराह, नोटिस जारी
सांसद भोले सिंह ने शराब की दुकानों का मुद्दा उठाया। कहा कि जिले में शराब की कई दुकानें स्कूल, मंदिर के पास खोल दी गई हैं। आबकारी अधिकारी राजेश कुमार इसकी एक रिपोर्ट दें। सांसद रमेश अवस्थी ने कहा पिछली बैठक में शिकायतों और उनके निस्तारण की रिपोर्ट मांगी थी। इस पर आबकारी अधिकारी ने गोलमोल जवाब दे दिया। यह सुनकर अध्यक्ष भड़क गए। उन्होंने अधिकारी पर गुमराह करने की बात कहते हुए कार्रवाई की संस्तुति कर नोटिस जारी करने के लिए कहा। एमएलसी अरुण पाठक ने कहा कि आबकारी विभाग आंखें बंद किए है। दुकानों पर हर समय शराब बिक्री होती। सड़कों पर शाम से अराजकता फैलती है। अधिकारी से पूछा आपकी तरफ से अभी तक कितने लोगों पर कार्रवाई की गई तो आबकारी अधिकारी जवाब नहीं दे पाए।
अवैध प्लाॅटिंग की कराएं जाएं
अध्यक्ष रावत ने कहा कि जिले में अवैध तरीके से प्लाॅटिंग हो रही है। वहीं सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि गंगा किनारे कई लोग अवैध तरीके से बस गए इसकी जांच कराएं। बैठक में उपस्थित महापौर प्रमिला पांडेय ने कहा कि शहर में अवैध कब्जे हो रहे हैं। कई बार केडीए से सूची मांगी गई लेकिन नहीं दी। अधिकारी अपनी मनमानी कर मकानों को सीज करते हैं। अगली बैठक में अगर सूची नहीं मिली तो बैठक में आना बंद कर दूंगी। इस पर जांच की बात कही गई।
बैठक से गायब रहे दो अधिकारी, मांगा स्पष्टीकरण
बैठक में पेयजल, सीवेज व्यवस्था नगरीय की समीक्षा की बारी आई तो अधिशासी अभियंता तुलिका प्रसाद खड़ी हुईं। सांसद भोले सिंह ने परियोजना प्रबंधक के बारे में पूछा तो सही जवाब नहीं दे पाईं। उन्होंने जिलाधिकारी से स्पष्टीकरण तलब करने के लिए कहा। वहीं, बैठक के अंत में सांसद रमेश अवस्थी ने हैलट का प्राइवेट वार्ड 50 अभी तक शुरू न होने पर सवाल किया। प्रमुख चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके सिंह सही जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के न आने का कारण पूछा तो बता नहीं पाए। इस पर उन्होंने जिलाधिकारी से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
सैबसू में घोटाला, सचिव और प्रधान पर रिपोर्ट के निर्देश
मनरेगा के कार्यों की बारी आई तो अध्यक्ष अशोक रावत ने बिल्हौर के सैबसू ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत बिना काम के प्रधान और सचिव की ओर से ग्राम पंचायत से लाखों रुपये निकालने पर सीडीओ दीक्षा जैन से सवाल किया। सीडीओ ने चार सदस्यीय कमेटी गठित करने की बात कही। अध्यक्ष ने कहा, बड़ा खेल है प्रधान, सचिव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएं। बीडीओ भी दोषी हैं इनके खिलाफ कार्रवाई करें। इसी दाैरान पीडी जवाब देने लगे। अध्यक्ष ने सीधा कहा बिल्हौर बीडीओ को आप ही बचा रहे हैं। दोषियों पर कार्रवाई हो।
-
इन मुद्दों पर भी उठे सवाल
- पीडब्ल्यूडी की सड़कों की जांच करने के लिए एमएलसी अरुण पाठक अधिशासी अभियंता पर भड़के।
- पीडब्ल्यूडी की बरीपाल सजेती से श्रीनगर मुगल रोड आरईएस से बनाने पर सांसद भोले भड़के। जांच करने के लिए कहा।
- ककवन में पशुचिकित्सालय बना लेकिन पशु अधिकारी नहीं बैठता।
- ककवन ब्लाॅक की टूटी बिल्डिंग बनवाने की बात कही गई।
- आरईएस की 2024-25 की न बनने वाली सड़कों की सूची मांगी।
- ककवन के बिलालपुर जाने वाली सड़क पर दो साल में सिर्फ मिट्टी का काम हो रहा। अधिशासी अभियंता पर कार्रवाई करें।