यूपी के कन्नौज जिले में कलयुगी मां-बाप की हैवानी करतूत सामने आई है। इस मामले के बारे में जिस किसी ने भी सुना है वे इन्हें धिक्कार रहे हैं। आप भी जानिए क्या है पूरा मामला...
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जंगल में गड़े खजाने के लालच में मां-बाप ने तांत्रिक के हाथों बेटी की बलि दिलवा दी। खजाना न मिलने पर पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने तांत्रिक को दबोचा तो पूरी घटना का खुलासा हो गया। पुलिस ने जंगल से किशोरी का शव बरामद कर तांत्रिक और किशोरी के मां-बाप को गिरफ्तार कर लिया है।
जिले के तालग्राम थाना क्षेत्र के गांव माधवनगर निवासी महावीर पाल के दो बेटियां आशा और सविता हैं। दो बेटे आलोक और छोटू हैं। पांच साल पहले उसने अपनी बड़ी बेटी आशा की शादी ठठिया थाना क्षेत्र के गांव भदौसी निवासी अरविंद से की थी। अरविंद पत्नी आशा के साथ दिल्ली में नौकरी करता है।
पुलिस के मुताबिक महावीर अक्सर बेटी की ससुराल जाता था। वहीं के तांत्रिक कृष्णा पाल (25) पुत्र बेचेलाल से उसकी जान पहचान हो गई। एक महीने पहले कृष्णा ने महावीर को बताया कि रपरा जंगल में पांच किलो सोना गड़ा है। यह किसी लड़की की बलि देने पर ही मिल सकता है।
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महावीर लालच में आ गया। उसने घर जाकर पत्नी शीला को खजाने की बात बताई। महावीर और शीला ने खजाने पाने की खातिर कक्षा 10 में पढ़ने वाली 14 वर्षीय पुत्री सविता की बलि चढ़ाने के लिए तांत्रिक कृष्णा को सौंपने का फैसला ले लिया। चार जून को तांत्रिक महावीर के घर से सविता को अपने साथ ले गया।
चार दिन बाद जब तांत्रिक ने खजाना खोद कर निकालने से मना कर दिया तो महावीर और उसकी पत्नी ने ठठिया और तालग्राम थाने में सूचना दी कि उनकी बेटी को तांत्रिक ने अगवा किया है। इस पर ठठिया व तालग्राम पुलिस ने तांत्रिक कृष्णा को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो तांत्रिक ने सच्चाई उगल दी।
पुलिस ने बुधवार को तांत्रिक की निशानदेही पर पिपरौली गांव के पास मक्के के खेत से सविता का शव बरामद कर लिया। पुलिस अधीक्षक हरीश चंदर ने बताया कि खजाने के लालच में मां बाप ने अपनी बेटी तांत्रिक के हवाले कर दी थी। तांत्रिक ने लड़की की गला दबाकर हत्या कर दी। पूरे मामले की गहराई से छानबीन की जा रही है। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।