शादी रस्में पूरी होने ही वाली थीं कि अचानक दुल्हन का पारा हाई हो गया। घरवालों को जब इसकी वजह पता चली तो वो भी बारातियों पर उबल बैठे। इसके बाद जो हुआ उसने सभी को हैरान कर दिया। मामला यूपी के कानपुर देहात का है।
कानपुर देहात गजनेर कस्बे मे सोमवार की रात शादी समारोह में चढ़ावे का जेवर न लाने पर कन्या के घरातियो ने दूल्हे के फेरे कराए बगैर दुल्हन ही बारात लौटा दी। गजनेर निवासी नरेंद्र कुरील का दामाद दिनेश कुमार पुलिस विभाग में तैनात है। दिनेश कुमार ने अपनी साली रुबी उर्फ रागिनी का विवाह सहकर्मी नया चौक परेड कानपुर निवासी सिपाही के पुत्र से तय करवाई था। गजनेर कस्बे में सोमवार रात तय तिथि पर कानपुर से गांव आई बारात का स्वागत, जयमाल का कार्यक्रम धूमधाम से किया गया और परंपरागत तरीके से रस्म अदा होने लगे।
महिलाओं में कानाफूसी होने लगी
डेमो पिक
बरात में आई महिलाएं भी चढ़ावे के समय आंगन में साथ बैठी थीं। इस दौरान कन्या पक्ष की महिलाओं में कानाफूसी होने लगी। कुछ देर बाद हुई रस्मों के दौरान चढ़ावे में सोने की कंगन की जगह प्लास्टिक के कंगन रखे गए अन्य कोई जेवर न होने से कन्या पक्ष भड़क उठा और जेवर न लाने की बात कहकर शादी से इनकार कर दिया। वर पक्ष की महिलाओं ने कहा कि उनके यहां चढ़ावे में जेवर ले जाने का रिवाज नहीं है। इस पर कन्या पक्ष की महिलाओं ने विरोध किया। इस पर कन्या पक्ष की महिलाओं की पूछताछ पर युवक दूसरी जाति के होने की बात पता चली। इस पर दुल्हन भी भड़क गई , जेवर न लाने की बात कह उसने शादी से इंकार कर दिया। जबकि, दुल्हन के पिता ने वर पक्ष के गैर जाति के होने की बात कही। दोनाें पक्षों में घंटों चली पंचायत के बाद वर पक्ष ने कन्या पक्ष को दो लाख रुपये दिए। इसके बाद बारात बिन दुल्हन के लौट गई।
रात भर बहस का दौर चलता रहा
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दोनों पक्षों के बीच रात भर बहस का दौर चलता रहा। मध्यस्थता करने वाले नरेंद्र के अनुसार उसके समझाने पर भी ससुर नहीं माने। लोगों ने भी दुल्हन को काफी समझाया पर वह अपनी बात पर अड़ी रही। इधर, मामला बिगड़ता देख कई बाराती सवारियों से अपने घरों को निकल गए। इसके बाद पंचायत शुरू हो गई। वर पक्ष से शादी में अबतक के हुए खर्च की धनराशि मिलने की बात कही, इसके बाद बारात बिना दुल्हन बैरंग लौट गई। एसओ रविंद्र तिवारी ने बताया कि किसी ने सूचना नहीं दी थी