जिद और डिप्रेशन लोगों को किस कदर अपनी जद में ले लेता है इसका एक मामला यूपी के फतेहपुर जिले मे सामने आया है। यहां 10 साल के एक बच्चे ने मामूली सी बात को लेकर खुद को मौत के मुह में धकेल दिया।
आदित्य तिवारी कक्षा चार का छात्र था
डेमो पिक
खागा कोतवाली क्षेत्र के हरदों गांव के नीरज तिवारी का बेटा आदित्य तिवारी कक्षा चार का छात्र था। उसने मंगलवार सुबह अपनी मां वर्षा तिवारी से बैडमिंटन खरीदने के लिए पैसे मांगे। मां ने दूसरे दिन बैडमिंटन दिलाने की बात कही तो वह गुस्सा गया। मां घरेलू काम में व्यस्त हो गई तो उसने कमरा बंद कर अपने ऊपर मिट्टी का तेल उड़ेलकर आग लगा ली।
दो बहनों के बीच अकेला था छात्र
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आग लगते ही वह चीखते हुए बाहर भागा। परिजनों ने किसी तरह आग बुझाई और उसे जिला चिकित्सालय ले गए। यहां से उसे कानपुर रेफर कर दिया गया। परिजन उसे कानपुर के निजी अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। छात्र दो बहनों के बीच अकेला था। कोतवाल एके राय ने बताया परिजनों ने पुलिस को जानकारी नहीं दी है।