पुलिस ने ग्राम प्रधान राजू कुमार के साथ दोनों को जिला अस्पताल भेजा। मौके पर पुलिस को डिब्बी मिली। इससे उनके जहर (सल्फास) खाने की जानकारी हुई। हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने दोनों को कानपुर हैलट रेफर किया। दोपहर करीब तीन बजे पहले मां की सांसें थम गई। करीब आधा घंटा बाद बेटे ने भी दम तोड़ दिया। मृतका के बड़े बेटे राजेंद्र ने बताया कि वह परिवार के साथ घर के दूसरे हिस्से में अलग रहता है। छोटा भाई मानसिक रूप से बीमार था। उसे मिर्गी का दौरा भी आता था।
राजेंद्र ने बताया कि मां छोटे भाई के साथ डॉक्टर के पास गई थी। वह पिता के साथ खेत पर काम करने गया था। मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण होता है। उनका अपना खेत नहीं है। राजेंद्र के मुताबिक आर्थिक तंगी और बीमारी से परेशान होकर मां और भाई ने आत्मघाती कदम उठा लिया। चौकी इंचार्ज मुकेश कुमार सिंह का कहना है कि ग्रामीणों व परिजनों से पूछताछ के बाद घटना की वजह फिलहाल घरेलू विवाद होना सामने आया है। विवाद किससे हुआ था, यह कोई स्पष्ट नहीं बता सका। थानाध्यक्ष नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।