घटना के बारे में जानकारी देते मृतकों के परिजन
सूबेदार ने बताया कि सरवन सूरत (गुजरात) में एक कारखाने में नौकरी करता था। खेती का काम मां जनकदुलारी संभालती थीं। पिछले दिनों आई आंधी-बारिश में गेहूं की फसल बर्बाद हो गई थी। इससे आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। फसल बर्बाद होने की सूचना पर सरवन भी करीब 12 दिन पहले सूरत से गांव आ गया था। सरवन फसल बर्बाद होने के लिए मां को जिम्मेदार ठहराता था। इस पर सोमवार रात को भी दोनों के बीच विवाद हुआ था। ग्रामीणों से पता चला कि मंगलवार सुबह करीब सात बजे मां घर से किसी को बताए बिना निकल गईं। इसके बाद सरवन उनकी तलाश में निकला। करीब नौ बजे गांव का बक्की सिंह अपने खेत पहुंचा तो खेत में लगे पेड़ पर मां-बेटे की लाश झूल रही थी। मौके पर पहुंचने के बाद सूबेदार ने बताया कि अपनी ही साड़ी से मां के फांसी लगाने से सरवन आहत हो गया होगा। इसके बाद उसने खुद भी अंगौछे से फांसी लगा ली होगी। घटनास्थल पर पहुंचे थानाध्यक्ष ने बताया कि मां-बेटे ने आपसी कलह के चलते खुदकुशी की है। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
एक साल पहले हुई थी शादी
सरवन की शादी एक साल पहले काजल से हुई थी। सूबेदार ने ने बताया कि फसल बर्बाद होने के बाद घर में अनाज की कमी हो गई थी। इसके चलते काजल हमीरपुर के गोकुल खेड़ा गांव अपने मायके चली गई थी। मंगलवार को पति और सास की मौत की खबर पाकर ससुराल पहुंची और बिलख पड़ी। रोते-रोते वह बेहोश हो गई। रिश्तेदारों के पानी की छींटे डालने पर उसे होश आया, तो वह फिर सिसकती रही।