दीपावली जैसे रोशनी के पर्व की सुबह कन्नौज के फराहरन गांव के एक परिवार के लिए काल गई। गंगा स्नान के दौरान एक किशोरी के गहरे पानी में फिसलकर डूबने पर उसे बचाने गई मां भी लहरों में समा गई। साथ गई एक और महिला किसी तरह हाथ-पैर चलाकर तैरकर बाहर निकल आई।
यह दर्दनाक घटना सोमवार सुबह करीब 8 बजे की है। गुरुसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के फराहरन गांव निवासी प्रीति (38) पत्नी लक्ष्मण मिश्रा, उनकी बेटी निशा (15) और पड़ोसी महिला सुनीता (46) पत्नी प्रदीप शुक्ला गंगा स्नान के लिए निकली थीं।
साथ में प्रीति की दो छोटी बेटियां मुस्कान (8) और उन्नति (5) भी थीं। परिवार कानपुर में रहता है, और लक्ष्मण मिश्रा एक निजी संस्था में नौकरी करते हैं। दीपावली मनाने के लिए वे तीन-चार दिन पहले गांव आए थे।गंगा तट पर पहुंचकर प्रीति ने खुद और अपनी दोनों छोटी बेटियों को स्नान कराकर किनारे बैठा दिया था।
इस दौरान निशा चबूतरे पर खड़ी थी और उसने मां से कहा कि "मां, मेरी एक फोटो खींच दो। जैसे ही प्रीति मोबाइल उठाने लगीं, तभी निशा का पैर फिसल गया और वह गंगा के गहरे पानी में चली गई। बेटी को डूबते देख प्रीति और सुनीता भी तुरंत पानी में कूद गईं।