वहां होम्योपैथी डॉ. नताशा तिवारी व सरकारी अस्पताल की नर्स मंजुला तिवारी मिलीं। उन्होंने 11 हजार रुपये जमा करा लिए। नताशा के पति ने 2500 रुपये की दवाई दी। नर्स मंजुला ने खुद को डॉक्टर बताते हुए उसी दिन प्रसव करा दिया। कुछ देर बाद जच्चा-बच्चा को घर ले जाने के लिए कहा।
सीएमओ ने मंजुला का अस्पताल सील करा दिया
जोर देने पर परिजन जच्चा-बच्चा को घर ले आए। घर पर रीना की हालत बिगड़ी, तो रीना को सरकारी अस्पताल ले गए। यहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजन शव घर ले गए। सूचना पर सीएमओ ने मंजुला का अस्पताल सील करा दिया। सूचना पर पुलिस पहुंची।पुलिस पंचनामा भर रही थी। तभी बच्चे की भी मौत हो गई।
विभागीय रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई
जच्चा-बच्चा का पोस्टमार्टम कराया गया। रविवार को महिला के पति विवेक कुमार ने निजी अस्पताल की डॉक्टर नताशा तिवारी व नर्स मंजुला तिवारी पर प्रसव में लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। इंस्पेक्टर राम अवतार ने बताया मामले की जांच की जा रही है। विभागीय रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।