झींझक ब्लाक प्रमुख नामांकन में शुक्रवार को सपाइयों ने खुलकर गुंडई की। सपा समर्थित उम्मीदवार ने अपना पर्चा भरने के बाद हथियारों से लैस समर्थकों के साथ झींझक ब्लाक कार्यालय को घेर लिया।
विरोधी प्रत्याशी को न केवल नामांकन दाखिल करने से रोका बल्कि पुलिस-पीएसी को भी फायरिंग व पथराव कर खदेड़ दिया। पीएसी ने विरोधी प्रत्याशी का नामांकन दाखिल करवाने की कोशिश की तो सपा समर्थकों ने विरोधी महिला प्रत्याशी को ही अगवा कर लिया। तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा। गुंडई होती रही और पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
तमाम पुलिस वाले तो ब्लॉक कार्यालय में छिपे रहे। उधर, पुखरायां के विकासखंड मलासा में भी सपाइयों ने खूब दबंगई दिखाई और विरोधियों को पीटकर खदेड़ दिया। सारे रास्ते बंद कर दिए। बसपा प्रत्याशी बमुश्किल नामांकन करा पाईं लेकिन प्रस्तावकों को सपाई बंधक बनाए रहे इसलिए पर्चा खारिज कर दिया गया।
झींझक में शांतिपूर्ण नामांकन: एसपी
कानपुर देहात के एसपी सभाराज ने कहा कि झींझक में ब्लॉक प्रमुख नामांकन को लेकर कोई बवाल नहीं हुआ। कुछ लोगों ने पथराव कर दिया था, जिन्हें पुलिस ने शांत करा दिया था। मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक ऋषिपाल सिंह को मौके पर भेजा गया है। पूरे मामले में अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि कोई शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी।
छिटपुट घटनाओं के बीच ब्लॉक प्रमुख के नामांकन
बिल्हौर। बिल्हौर में शुक्रवार को चार, ककवन में दो, शिवराजपुर में एक और चौबेपुर में दो प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए। बिल्हौर में पहला नामांकन सपा समर्थित अनिल कटियार ने किया। इसके बाद बारी-बारी से शालिनी, सुषमा और गगन सिंह ने ब्लॉक प्रमुख पद के लिए पर्चा भरा। चौबेपुर में अनुभव शुक्ला और कमला देवी ने नामांकन किया।
शिवराजपुर में एक मात्र पर्चा सपा समर्थक राजेश कोरी ने भरा। पंकज और राजेश कोरी के समर्थकों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। ककवन में सतेंद्र दुबे उर्फ राजू ने नामांकन पत्र दाखिल किया। जबकि, दूसरा पर्चा बसपा के पूर्व बिल्हौर विधायक कमलेश चंद्र दिवाकर की पत्नी निर्मला दिवाकर ने भरा।
उधर, घाटमपुर के तीन ब्लॉकों में छह नामांकन दाखिल हुए। घाटमपुर में पहला पर्चा पूर्वमंत्री कुंवर शिवनाथ सिंह कुशवाहा के भतीजे इंद्रजीत सिंह की पत्नी देविका सिंह ने भरा। दूसरा पर्चा ट्रांसपोर्टर जगदीश पांडेय की पुत्रवधू मीरा पांडेय पत्नी सर्वेश पांडेय ने भरा। मीरा को सपा ने अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया है।
पतारा में सपा की सीमा पत्नी गोविंद कोरी और पूर्व ब्लॉक प्रमुख मीना संखवार पत्नी मलखान संखवार ने पर्चा भरा है। भीतरगांव में सपा समर्थित सीहूपुर गांव निवासी रानी सचान पत्नी अशोक सचान और बसपा से कोमल तिवारी पत्नी रमाकांत तिवारी निवासी बीहूपुर (भीतरगांव) ने पर्चा दाखिल किया।
देहात में सात निर्विरोध होंगे
कानपुर देहात के 10 में से सात ब्लॉकों मेें निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख तय हैं। यहां पर सिर्फ सपा प्रत्याशियों ने ही नामांकन दाखिल किए हैं। जबकि रसूलाबाद ब्लॉक में सपा प्रत्याशी कुलदीप सिंह यादव और उनकी पत्नी रूपरानी ने पर्चा दाखिल किया है। पति-पत्नी दोनों उम्मीदवार हैं इसलिए एक का पर्चा वापस होना तय है।
इस ब्लॉक में भी ब्लॉक प्रमुख निर्विरोध होना तय माना जा रहा है। तीन जगह अकबरपुर, संदलपुर और मैथा में ब्लॉक प्रमुख मतदान से तय होगा। अकबरपुर में सपा से संतोष चौधरी हैं और विरोध में देवीदीन हैं इसलिए चुनाव होगा। मैथा में सपा से रंजू यादव हैं और सपा की बागी अनुपमा सिंह गौर आमने-सामने हैं।
अनुपमा, सपा से सदर विधायक रामस्वरूप सिंह गौर की नत बहू हैं। संदलपुर से पवन कुमार व सत्यवती हैं, यहां भी चुनाव होगा।
चौबेपुर में मारपीट, मुनींद्र के भतीजे पर रिपोर्ट
चौबेपुर (बिल्हौर)। ब्लॉक प्रमुख के लिए सपा विधायक मुनींद्र शुक्ला के भतीजे अनुभव शुक्ला रोमी ने दोपहर करीब 11: 45 बजे पर्चा भरा। फिर अनुभव, मुनींद्र समर्थकों के साथ चले गए। कुछ समर्थक रुक गए।
घंटे भर के बाद चौधरीपुर गांव की कमला देवी पत्नी हरिपाल सिंह यादव समर्थकों के साथ नामांकन कराने आईं तभी अनुभव के समर्थकों से कहासुनी हो गई। फिर मारपीट होने लगी।
कमलादेवी के देवर अधिवक्ता अहिबरन सिंह सहित दोनों पक्षों के कई लोगों को मामूली चोटें आईं। थानाध्यक्ष केके पांडे ने बताया कि अधिवक्ता अहिबरन सिंह की तहरीर पर ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी अनुभव शुक्ला सहित कुल 14 पर मुकदमा दर्ज किया गया है।