‘अमर उजाला’ के अभियान चलाने पर जाजमऊ वाजिदपुर में गंगा पर बनाए गए अवैध बंधे को गुरुवार को तोड़ दिया गया। सिंचाई विभाग और गंगा बैराज के अफसरों ने जेसीबी लगाकर बंधे का बड़ा हिस्सा तोड़ा और गंगा को मुक्त कराया। बंधा टूटते ही वहां तेज जलधारा बहने लगी।
‘अमर उजाला’ ने चार दिन पहले वाजिदपुर में गंगा पर अवैध बंधे बनाने का खुलासा किया था। बंधे बनाकर जल-जीवों का शिकार किया जा रहा था और इससे गंगा की धारा भी अवरुद्ध हो रही थी। इसके बाद शहर आए नगर विकास मंत्री आजम खां ने इस मुद्दे पर जांच का आदेश दिया और गुरुवार को डीएम के आदेश पर गंगा बैराज इकाई के अधिशासी अभियंता विजयवीर सिंह जेसीबी और चकेरी पुलिस लेकर वाजिदपुर पुराने बालू घाट पहुंचे।
एसीएम भानुप्रताप की देख-रेख में बंधे को तोड़ना शुरू किया गया। इलाके के तमाम लोग विरोध करने पहुंचे, पर फोर्स की वजह से विरोध करने की हिम्मत नहीं पड़ी। देर शाम तक चली कार्रवाई के दौरान किनारे से नदी की मुख्य धारा तक करीब 25 मीटर बंधा तोड़ दिया गया। फिर अंधेरा होने की वजह से काम रोक दिया गया। कार्रवाई में सहायक अभियंता अखिलेश, मनोज कुमार, अवर अभियंता शैलेंद्र आदि शामिल रहे।