मूसानगर। गजनेर थाना क्षेत्र में नोन नदी में गिरने वाले नाले से बरामद मोर्टार सेल को शनिवार को अकबराबाद फायरिंग रेंज में सेना की बम निरोधक टीम ने आईडी लगाकर उड़ा दिया। करीब 40 फीट गहरे गड्ढे में रखकर किए गए नियंत्रित विस्फोट से 300 मीटर दूर खड़ी गाड़ियां भी हिल गईं। धमाके की गूंज दूर तक सुनाई दी।
सेना मुख्यालय लखनऊ से मेजर अभिनव बम निरोधक दस्ते के साथ शनिवार दोपहर एक बजे के करीब मूसानगर की अकबराबाद फायरिंग रेंज में पहुंचे। इधर गजनेर थानाध्यक्ष सनत कुमार, मूसानगर थानाध्यक्ष अमिता वर्मा फोर्स के साथ गजनेर थाना में रखा मोर्टार सेल फायरिंग रेंज में ले गए। यहां मेजर व उनकी टीम ने बक्से में रखे मोर्टार को बाहर निकाल कर जांच की। इसके बाद 40 फीट गहरी तलहटी में मोर्टार सेल को आईडी के साथ रखकर दो बजकर चार मिनट के करीब नियंत्रित ब्लास्ट कर नष्ट कर दिया। धमाका इतना जोरदार था कि विस्फोट करने के स्थान से 300 मीटर दूरी पर खड़े सेना व पुलिस के वाहन हिल गए।
वहीं, धुएं का गुबार भी घाटी से करीब 40 फीट ऊपर तक उठ गया। मोर्टार नष्ट करने के बाद मेजर अपनी टीम के साथ वापस लौट गए। हालांकि मोर्टार नाले तक कैसे पहुंचा, इसको यहां कौन लाया। यह अभी भी जांच का विषय बना हुआ है। बता दें कि 10 जून को जसवापुर निवासी कुछ बच्चे नोन नदी में गिरने वाले नाले से मछलियां पकड़ने के लिए पंपिंग सेट से पानी निकाल रहे थे। पानी कम होने पर उनको कीचड़ में मिसाइलनुमा एक भारी संदिग्ध वस्तु दिखाई थी।
इस पर बच्चों ने गांव पहुंचकर लोगों को इसकी जानकारी दी। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने क्षेत्र में घेराबंदी करने के साथ फॉरेंसिक टीम की मदद से जांच पड़ताल की थी। 11 जून को झांसी से आई बम निरोधक टीम ने जांच के बाद संदिग्ध वस्तु की पहचान मोर्टार सेल के रूप में की थी। साथ ही मोर्टार के जीवित होने की जानकारी दी थी और मोर्टार को बक्से में सुरक्षित तरीके से बंद कर गजनेर थाना पुलिस को सौंप दिया था।
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बयान
- लखनऊ से आए मेजर व उनकी टीम ने जांच पड़ताल के बाद अकबराबाद फायरिंग रेंज में आईडी लगाकर नियंत्रित ब्लास्ट में मोर्टार को नष्ट कर दिया है। मोर्टार नाले तक कैसे आया इसको लेकर पुलिस, सेना की एजेंसियां जांच कर रही हैं। - आलोक प्रसाद, एएसपी