बुधवार को डीएम विशाख जी अय्यर ने बताया कि माइनिंग प्लान, स्वच्छता पर्यावरण व एनजीटी के नियमों का पालन करने की जांच भी इस पट्टा स्थल पर की गई। जांच रिपोर्ट के बाद पाया गया कि तीनों बिंदुओं पर नियमों की अनदेखी की गई है।
मौके पर सीमांकन से अधिक बालू निकालना, गहराई वाले स्थल पर पानी आने के बाद भी बालू निकालना, स्लोप न बनाना, ओवरलोड परिवहन की जांच सही पाई गई। इसी आधार पर पट्टाधारक दिल्ली निवासी कवच कुमार निर्मल की फर्म पर दो करोड़ पांच लाख का जुर्माना लगाया गया है।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद खनन कराने वालों में हड़कंप मच गया है। जिला खनिज अधिकारी मिथलेश कुमार पांडेय ने बताया कि संबंधित पट्टाधारक की फर्म को नोटिस जारी हो गई है। एक माह के अंदर पट्टाधारक को जवाब या जुर्माना जमा करना होगा।
इस मामले में पट्टाधारक फर्म के मालिक कवच कुमार निर्मल ने बताया कि उन्होंने नियमों का पालन कराने का पूरा प्रयास किया है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई पर मांगे गए जवाब समय से दिए जाएंगे।
ये रहीं खामियां
- सीमांकन से अधिक बालू निकालना
- गहराई वाले स्थल पर पानी आने के बाद भी बालू निकालना
- स्लोप न बनाना
- ओवरलोड वाहन