यूपी के उन्नाव जिले में बिछिया विकासखंड के टीकरगढ़ी में बच्चों को वितरित करने के लिए भेजी गई आयरन फोलिक एसिड के पांच सौ से अधिक सिरप कूड़े के ढेर में मिले। अधिकारियों को जब इसकी सूचना मिली तो हड़कंप मच गया। जांच में पता चला कि वितरण के लिए भेजी गई दवाओं को खुले स्थान पर रख दिया गया था, जिसे बच्चे उठा ले गए और बाद में कूड़े के ढेर में फेंक दिया। लापरवाही पर आशा व एएनएम से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
सप्ताह भर पहले बिछिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से आयरन सिरप के छह गत्ते गांव में बच्चों को वितरित करने के लिए भेजे गए थे। हालांकि आशा व एएनएम ने उन्हें अपनी सुपुर्दगी में नहीं लिया। कई दिनों तक दवाओं के गत्ते आंगनबाड़ी सेंटर के बाहर रखे रहे। इस पर बच्चों ने उन्हें गत्ते से बाहर निकाला व फेंकना शुरू कर दिया। बुधवार सुबह बड़ी मात्रा में सिरप जब कूड़े के ढेर में पहुंचे तो मामले ने तूल पकड़ लिया।
ग्रामीणों ने इसकी सूचना बिछिया स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को दी थी। सूचना पर स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने आशा व एएनएम से मामले की जानकारी ली व मामले को दबाने में जुट गए। ग्रामीणों के अनुसार सिरप की मात्रा पांच सौ बोतल से अधिक थी। उधर, इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. विवेक गुप्ता का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। लापरवाही पर आशा व एएनएम से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मामला जानकारी में आने के बाद एएनएम रामादेवी व आशा सुषमा, वेदवती व मीणा साहू गांव पहुंची। उन्होंने कूड़े के ढेर से सिरप की बोतलें एकत्रित की। वहीं आशा व एएनएम का आरोप था कि दवाएं भेजने के बाद अधिकारियों ने उन्हें सूचना ही नहीं दी।