राजपुर। गर्मी शुरूआत होते ही पानी की खपत बढ़ी है। बीहड़ पट्टी के गांवों में खराब हैंडपंपों की मरम्मत नहीं हुई है। लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
राजपुर ब्लॉक क्षेत्र के 54 गांवों में 2, 844 हैंडपंप लगाए गए हैं। इसमें से 101 हैंडपंप खराब हैं। इनमें से 31 रिबोर और शेष में मामूली खराबी है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022-23 में एक हजार इंडिया मार्क टू हैंडपंप रिबोर और 400 हैंडपंप की मरम्मत कराई गई। खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराने की जिम्मेदारी ग्रामसभा की है। मगर समय रहते खराब हैंडपंप ठीक न कराए जाने से ग्रामीणों के सामने पानी का संकट बना हुआ है।
इधर जल जीवन मिशन के तहत गौरीरतन बांगर, अनवा, दमनपुर, जमालपुर, खटकर, रतापुर, बीबनपुर, गौहानी बांगर, जमालपुर आदि ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य चल रहा है। मगर परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं, इससे इसका भी लाभ नहीं मिल सका है। परेशान ग्रामीण ग्राम प्रधान और ब्लॉक कार्यालय का चक्कर काटने को विवश हैं। राजपुर के बीडीओ हरगोविंद गुप्ता ने बताया कि गांवों में भरपूर पेयजल आपूर्ति के लिए प्रयास जारी है। गांवों में खराब हैंडपंप की मरम्मत के लिए सर्वे चल रहा है। सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद हैंडपंप की मरम्मत कराई जाएगी।
....................
खोजा रामपुर में 10 हैंडपंप खराब
राजपुर। बीहड़ पट्टी के खोजारामपुर में 10 हैंडपंपों में सात तकनीकी खराबी के कारण शोपीस बने हैं। गांव के देवी मंदिर, बड़ी माता मंदिर, सिद्ध बाबा स्थान के अलावा रामचंद्र, रामेश्वर, कमलेश के दरवाजे लगे हैंडपंप काफी समय से खराब हैं। रामखिलावन निषाद, परमू निषाद, राजेश, प्रहलाद निषाद, मुन्नी देवी कल्लू, राजकुमारी, बबली, सियासती ने बताया कि पूरे मजरे में 300 से अधिक की आबादी सिर्फ तीन हैंडपंप पर आधारित है। गर्मी की शुरुआत होते ही जल स्तर गिरने लगा है। दो हैंडपंप में धीमी गति से पानी आ रहा है, जिससे हैंडपंप पर लाइन लगाकर घंटो की मशक्कत के बाद बाल्टी भर पानी नसीब हो पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि अभी यह हाल तो आगे मई, जून के दिनों में स्थिति और खराब होगी।