कानपुर देहात। इंसान का शरीर बायोलॉजिकल घड़ी के अनुसार काम करता है। डॉक्टरों के अनुसार इस घड़ी का नियंत्रण मस्तिष्क के पास होता है। यही हमें सोने-उठने से लेकर नित्यक्रिया तक के लिए अलर्ट करता है। अधिक तनाव की वजह से यह घड़ी प्रभावित हो रही है। यह समस्या लेकर युवा हर दिन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में आ रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन ओपीडी में उपचार को पहुंचे अशोक नगर के सिद्दार्थ गुप्ता ने डॉक्टर को बताया कि रात में ठीक तरह से नींद नहीं आती और दिन भर बेचैनी रहती है। एमडी मेडिसिन डॉ. प्रतीक सक्सेना ने जब सिद्दार्थ की काउंसलिंग की तो पता चला कि 30 वर्ष की उम्र होने पर उसके घर वाले नौकरी के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। इस वजह से वह दिनभर सोचता रहता है। डॉक्टर ने उसे दवा देकर नियमित योग क्रिया और घरवालों को हर समस्या बताने की सलाह दी।
इसी तरह ओपीडी में आए लालपुर निवासी शुभम यादव ने डॉ. प्रतीक को बताया कि पिता का काम ठीक तरह से नहीं चल रहा है। इस वजह से घरवाले उस पर कमाने का दबाव बना रहे हैं, जबकि वह अभी पढ़ाई करना चाहता है। इस पर डॉक्टर ने घरवालों और अपने दोस्तों के साथ वार्ता करने की सलाह दी। इसके बाद उन्हें दवा देकर नियमित कसरत करने की बात कही।
डॉ. प्रतीक का कहना है कि आजकल के युवाओं में नौकरी का बहुत दबाव है। 25 वर्ष की उम्र होने के बाद युवाओं में यह समस्या ज्यादा देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि तनाव से गुजर रहे युवाओं को अपने अच्छे दोस्तों और घरवालों से सारी बात करनी चाहिए, ताकि तनाव को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि तनाव कम होने पर ही व्यक्ति का दिमाग ठीक तरह से सोच पाता है।
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यह भी होती समस्या-
डॉ. प्रतीक का कहना है कि कई बार हार्मोंस में बदलाव की वजह से भी तनाव देखने मिलता है। उन्होंने बताया कि बायोलॉजिकल घड़ी को मेडिकल में सर्केडियन रिदम कहते हैं। यह मस्तिष्क में होती है। आजकल की जीवनशैली काम की वजह से बिगड़ गई। रात के समय सर्केडियन रिदम को लगना चाहिए कि हम रात में सो जाए, लेकिन तनाव की वजह से वह सुबह चार बजे सोने को सोचती हैं। डॉ. प्रतीक का कहना है कि कई लोग रात में काम करते हैं, उनके साथ में यह समस्या होती है। कई बार यह लोग दिन में शोरगुल की वजह से सो नहीं पाते हैं।
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इस तरह करें बचाव
-ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।
-परिवार व दोस्तों से वार्ता करते रहें।
-हरी सब्जियों का सेवन करें।
-मौसमी फल खाएं।
-नियमित रूप से योग क्रियाएं करें।