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कानपुर: 260 बंद टेनरियों की एक सप्ताह तक 24 घंटे हुई जांच, मिली खामियां, बढ़ सकती संचालकों की मुसीबत

Sat, 29 Jun 2019 12:36 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर टेनरी - फोटो : अमर उजाला
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पिछले सात महीने से बंद कानपुर के जाजमऊ की 260 टेनरियों में करीब 150 ड्रम और 300 पैडल मानक से अधिक पाया गया है। पहले इन अतिरिक्त संसाधनों को हटाया जाएगा, उसके बाद ही टेनरियों का ताला खुलना संभव है।
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एक सप्ताह तक 24 घंटे की गई बंद टेनरियों की जांच रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि ज्यादातर टेनरियों में चमड़ा साफ करने लिए मानक से अधिक पानी इकट्ठा करने के संसाधन पाए गए हैं।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन के निर्देशन में बंद टेनरियों की जांच के लिए दो टीमें बनाई गई थीं। इस टीम का काम बंद टेनरियाें में चमड़ा भिगोने के लिए स्टोर किए जाने वाली पानी के पात्र और दूसरे संसाधनों की स्थिति पता करना था। टीम की रिपोर्ट तैयार हो चुकी है।

सोमवार को इसे जिलाधिकारी के माध्यम से पर्यावरण मंत्रालय और मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दी जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रत्येक टेनरियों की क्षमता के आधार पर उनके ड्रमों और पैडल की संख्या और पानी स्टोर करने की क्षमता भी निर्धारित की गई।
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इसके बावजूद ज्यादातर टेनरियों में मानक से ज्यादा संसाधन मिले हैं। कुछ टेनरियों में कुएं भी अंदर ही अंदर खोदे गए थे। जिसमें पानी भरकर चमड़ा भिगोया गया था। उसकी भी रिपोर्ट तैयार की गई है।

क्या होता है पैडल
यह ड्रम से थोड़ा अलग, चौड़े आकार का होता है। सबसे पहले इसी में चमड़ा भिगोया जाता है। हानिकारक केमिकल भी चमड़े के साथ पानी में भिगोए जाते हैं। इससे कच्चा चमड़ा साफ किया जाता है। जब कच्चा चमड़ा साफ हो जाता है तो उस पानी को बहा दिया जाता है। यह प्रक्रिया चलती रहती है। 
 
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