कानपुर। हैलट के बाल रोग अस्पताल का महानगर मजिस्ट्रेट (चाइल्ड वेलफेयर कमेटी) देवेंद्र प्रताप सिंह ने निरीक्षण किया। यहां अस्पताल की व्यवस्था को देखा। रोगियों की संख्या के सापेक्ष चिकित्सकों और नर्सों की कमी मिली। वार्ड में वेंटिलेशन के लिए कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया। बच्चों के सभी 100 बेड पर ऑक्सीजन व्यवस्था से पाई गई।
महानगर मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप ने एनआईसीयू के 24 और पीआईसीयू के 20 बेड पर भर्ती सभी बच्चों के उपचार की जानकारी ली। बेड की संख्या बढ़ाने के लिए कहा। विभागाध्यक्ष डॉ. एसके गौतम ने बताया कि तीन महीने में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन आ जाने पर इलाज की प्रक्रिया बेहतर हो जाएगी। निरीक्षण में इमरजेंसी, थैलेसीमिया और एनआइसीयू वार्ड की स्थिति का भी जायजा लिया।
अधिकारियों ने कर्मचारियों की कमी दूर करने पर भी जोर दिया। थैलेसेमिया वार्ड में 221 बच्चे पंजीकृत हैं जिनको नियमित रूप से प्रति माह आना होता है। कहा कि उनके वार्ड को बड़ा करने की आवश्यकता है ताकि उनका प्रमुखता से उपचार हो सके। इस दौरान डॉ. एके आर्या, आरोग्य दर्पण के सीईओ रामप्रकाश वर्मा, मैट्रन राजकुमारी खरवार और स्टॉफ नर्स सहित कई वरिष्ठ कर्मचारी भी मौजूद रहे।