कानपुर। मानसून आने के संकेत मिलने लगे हैं। मानसून के संदेशवाहक बादल और नमी आने लगी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दो दिन में मानसून प्रदेश में प्रवेश कर जाएगा। इसके कानपुर परिक्षेत्र समेत पूरे प्रदेश में फैलने में एक सप्ताह का समय लग सकता है। हवाओं का रुख अगर सकारात्मक रहा तो मानसून की गति बढ़ सकती है। मानसून के आने तक लोगों को उमस भरी गर्मी और लू के थपेड़े झेलने पड़ सकते हैं।
दक्षिण-पश्चिमी मानसून दो धाराओं के साथ प्रदेश में प्रवेश करता है। एक धारा बंगाल की खाड़ी से होती हुई बिहार सरहद से गाजीपुर की तरफ से प्रदेश में आती है। दूसरी अरब सागर वाली धारा राजस्थान, मध्य प्रदेश से होती हुई ललितपुर आदि इलाकों से प्रदेश में घुसती है। ये दोनों धाराएं प्रदेश में आकर मिल जाती हैं और मानसून मुकम्मल हो जाता है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम विभाग के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि इन दोनों धाराओं के मिलने पर मानसून पूरे प्रदेश को कवर कर लेता है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक मानसून ने बिहार को लगभग कवर कर लिया है। यूपी-नेपाल के सरहद वाले जिलों में भी बारिश शुरू हो गई है। दूसरी तरफ मानसून राजस्थान और मध्यप्रदेश को कवर करने वाला है। दोनों तरफ से मानसून प्रदेश की सरहद पर आकर दस्तक दे रहा है। मानसून के आगे-आगे चलने वाले बादल, नमी प्रदेश में प्रवेश कर गई है। नोडल अधिकारी ने बताया कि कानपुर परिक्षेत्र और आसपास के इलाके में हल्के बादल और स्थानीय स्तर पर नमी बढ़ना और बूंदाबांदी मानसून के आने के संकेत हैं।
मौसम विभाग के नोडल अधिकारी ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में दबाव बना था जिससे मानसून ने गति पकड़ी थी लेकिन फिर दबाव हल्का हो गया है। इससे हवाओं की गति धीमी पड़ गई। अरब सागर की नमी आने लगी है। मानसून के साथ नमी और अधिक मात्रा में आएगी। इससे घने बादल बनने लगेंगे और बारिश शुरू हो जाएगी।
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24 घंटे में 2.6 डिग्री उछला पारा
मानसून आने के पहले पारे का उतार-चढ़ाव बना रहेगा। 24 घंटे में अधिकतम तापमान 2.6 डिग्री बढ़ गया लेकिन रात में हल्के ऊंचे बादल की वजह से न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री घट गया। अधिकतम तापमान बढ़ने से सुबह की नमी एक प्रतिशत और दोपहर की आठ प्रतिशत कम हो गई। मौसम विभाग ने 28 से 30 जून के बीच बादल बढ़ने, गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी और उमस भरी गर्मी बने रहने का पूर्वानुमान जारी किया है।