साउथ सिटी में बंदरों का आतंक खत्म नहीं हो रहा। गुजैनी में लगातार दूसरे दिन गुरुवार को बंदरों ने तीन मासूम बच्चों को काटकर लहूलुहान कर दिया। यशोदानगर पी ब्लाक में भी बंदरों ने दो बच्चों दौड़ा लिया। दोनों गिरकर चुटहिल हो गए।
बुधवार को भी बंदरों ने गुजैनी में पांच और जूही में तीन लोगों को काटा था। खास बात यह कि इतनी गंभीर समस्या पर अफसरों का कोई ध्यान नहीं जा रहा है।
गुजैनी जी ब्लाक में किराये पर रहने वाली माया देवी ने बताया कि उनका पांच साल का बेटा मनमोहन घर के बाहर खेल रहा था। छज्जे पर बैठे बंदर को देखकर वह घर की ओर भागा तो बंदर ने दौड़ाकर उसका कान चबा लिया। उसके कान में छह टांके लगे हैं।
पास में रहने वाले गणेश शंकर ने बताया कि उनका बेटा सार्थक (3) गुजैनी आई ब्लाक स्थित स्कूल में पढ़ता है। गुरुवार को जब वह अपनी क्लास से बाहर आया तो बंदर ने उसके चेहरे पर पंजा मार दिया। स्कूल वालों ने उसे सूचना दी।
गुजैनी के एच ब्लाक में घर के बाहर खेल रही 6 साल की मासूम बच्ची सोनम को भी बंदरों ने बुरी तरह से चबा लिया। सोनम के सिर और नाक पर चोटें आई हैं। मां रिमा ने बताया कि वे घर के भीतर काम कर रही थीं, तभी बच्ची के चीखने की आवाज आई। बाहर आकर देखा तो बच्ची दरवाजे पर गिरी पड़ी थी और सिर व नाक से खून बह रहा था।