फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरदोई: स्कूल की राह में काल बना बंदर; बाइक से टकराया तो नहर में जा गिरे शिक्षक, तेज बहाव में बहे

Mon, 14 Sep 2026 11:32 AM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कानपुर

सार

Hardoi News: स्कूल जा रहे सहायक अध्यापक की बाइक के सामने अचानक बंदर कूद गया। बंदर के बाइक से टकराने के बाद बाइक अनियंत्रित होकर पुलिया की दीवार से जा टकराई और शिक्षक नहर में जा गिरे। नहर का बहाव तेज होने के कारण वह पानी में बह गए। घटना के बाद से शिक्षक की तलाश जारी है। पुलिस के साथ स्थानीय गोताखोर और ग्रामीण नहर में उनकी खोजबीन कर रहे हैं।
विज्ञापन
पुल पर जमा लोगो की भीड़ - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोतवाली क्षेत्र के तेंदुआ गांव निवासी अवनीश उर्फ आदेश (31) पुत्र शिवपाल प्राथमिक विद्यालय पैरा, विकासखंड कछौना में सहायक अध्यापक हैं। रोज की तरह सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बजे वह बाइक से विद्यालय जा रहे थे। मल्लावां-संडीला मार्ग पर गोसवा नहर की पुलिया के पास पहुंचे थे। इसी दौरान पेड़ से एक बंदर अचानक उनके सामने कूद पड़ा।

विज्ञापन

बंदर से टकराई बाइक, नहर में जा गिरे शिक्षक

बंदर के बाइक से टकराते ही अवनीश बाइक पर नियंत्रण नहीं रख सके। बाइक अनियंत्रित होकर पुलिया की दीवार से टकरा गई और शिक्षक उछलकर नहर में जा गिरे। हादसे में बंदर की मौके पर ही मौत हो गई।शिक्षक के नहर में गिरते ही मौके पर मौजूद लोग उन्हें बचाने के लिए दौड़े। कई लोगों ने तत्काल नहर में छलांग लगा दी, लेकिन तेज बहाव के कारण शिक्षक पानी में बह गए। स्थानीय लोगों ने काफी दूर तक नहर में तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चल सका।

नहर में मिला बैग, हेलमेट भी बहा

तलाश के दौरान शिक्षक का बैग नहर में मिला। मौके पर मौजूद लोगों ने उनका हेलमेट भी पानी में बहते हुए देखा, जो बाद में डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नहर में शिक्षक की तलाश शुरू कराई। कोतवाल मनोज कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षक की तलाश कराई जा रही है। पुलिस और स्थानीय लोग लगातार नहर में खोजबीन कर रहे हैं।

डेढ़ साल पहले हुई थी शादी, तीन माह की बेटी

अवनीश की शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई थी। उनकी तीन माह की एक बेटी है। शिक्षक के नहर में बहने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन मौके पर पहुंच गए और उनकी सलामती की उम्मीद में तलाश का इंतजार कर रहे हैं।

विज्ञापन

दो मिनट का फासला रहता तो शायद टल जाता हादसा

घटनास्थल पर मौजूद लोग हादसे को लेकर चर्चा करते रहे। लोगों का कहना था कि घटनास्थल तक पहुंचने में बमुश्किल दो मिनट का अंतर था। यदि शिक्षक कुछ मिनट पहले या बाद में वहां पहुंचते तो शायद बंदर के अचानक सामने आने से हुआ यह हादसा टल सकता था।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें