बुधवार को भाजपा कार्यालय में पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस बीच भनक लगने पर साधु दयाशंकर कौशिक वहां जा धमका और पत्रकार वार्ता के दौरान ही गायों के लिए धनराशि न देने पर योगी-मोदी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया, जिससे प्रदेश प्रवक्ता से तू-तू मैं-मैं भी हुई। भाजपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह सेंगर का कहना है कि साधु की गोशाला की औपचारिकताएं पूर्ण न होने के कारण उसे सरकारी धनराशि नहीं दी गई। व्यावहारिक रूप में उसकी मदद करने का आश्वासन देकर उसे जाने दिया।
शासन द्वारा जारी किए गए शासनादेश के तहत अस्थायी गोशालाओं को पैसा दिया जाना था। गांव-गांव में खोली गई अस्थायी गोशालाओं को पैसा भेजा गया है। रजिस्टर्ड गोशालाओं को पैसा न दिए जाने का शासनादेश में स्पष्ट हवाला दिया गया। साधु की गोशाला अस्थायी न होने के कारण उसे पैसा नहीं दिया गया।
रजनीश शुक्ला, खंड विकास अधिकारी