महोबा। सालट गांव में शेख पीर बाबा के उर्स में एक पक्ष को नॉनवेज बिरयानी खिलाने का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा है। अब चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने हीलाहवाली करने वाले अफसरों की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करने की बात कहकर मामले को तूल दे दिया है। उधर, वन विभाग द्वारा मजार की बाउंड्रीवाल 14 सितंबर तक गिराने के आदेश से ग्रामीणों में नाराजगी भी है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि सालों से गांव में चला आ रहा सांप्रदायिक सौहार्द किसी भी हालत में बिगड़ना नहीं चाहिए।
विधायक राजपूत का आरोप है कि पुलिस-प्रशासन मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। जिसने रिपोर्ट दर्ज कराई, उस पर केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। कहा, यह व्यक्ति विशेष का नहीं, धार्मिक आस्था का प्रश्न है। हरहाल में न्याय दिलाया जाएगा। शिकायतकर्ताआें के हवाले से विधायक का आरोप है कि दस साल पहले मजार के पास दो फीट का चबूतरा था। उसके बाद निर्माण कराया गया, लेकिन दूसरा पक्ष कह रहा कि यह सौ साल से अधिक समय पुराना है। कहा कि 10 सितंबर को पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से मजार के दस्तावेज निकलवाए जाएंगे।
विधायक ने मजार की जमीन की भी जांच कराने के निर्देश दिए थे, जिसमें स्पष्ट है कि मजार वन विभाग की जमीन पर बनी है। विधायक का कहना है कि लेखपाल से जमीन के रिकार्ड निकवाए गए हैं। वहां मैदान, तालाब, किले दस्तावेजों का जिक्र है, लेकिन कहीं भी मजार का जिक्र नहीं है। उधर, वन प्रसाद, मुन्नालाल, राजकुमार, कल्लू और बालादीन का कहना है कि वन विभाग ने बाउंड्रीवाल तोड़ने का जो अल्टीमेटम दिया है, उससे ग्रामीणों में आक्रोश है। धार्मिक स्थल से दोनों पक्षों की आस्था जुड़ी है।
ये था मामला---
31 अगस्त को शेख पीर बाबा के उर्स पर राठ के पप्पू अंसारी ने नॉनवेज बिरयानी बनवाकर बंटवाई थी। इस मौके पर युवक-युवतियों और बच्चों ने भी बिरयानी खाई थी। एक पक्ष के कुछ लोगों की आपत्ति के बाद मामला प्रकाश में आया। विधायक बृजभूषण राजपूत के हस्तक्षेप के बाद 43 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। राजपूत ने मजार की जमीन की भी जांच के निर्देश दिए थे। जांच में मजार वन विभाग की जमीन पर बनी होने की पुष्टि हुई थी।