उसके बाद एक ठिकाने पर रखा। 13 नवंबर को इरफान बस पकड़कर हैदराबाद रवाना हुए। इरफान के रिश्तेदारों और करीबियों ने साजिश रचकर उनकी मदद की। इन सभी ने आरोपी को फरार करने में मदद की थी। इसलिए पुलिस ने बेहद सख्त कार्रवाई की है।
नूरी के भाई का नाम किया इस्तेमाल, सुरक्षा पर सवाल
एफआईआर में नूरी शौकत का भाई अशरफ अली भी आरोपी बनाया गया है। इसी नाम के दस्तावेज इरफान तैयार किए। पुलिस के मुताबिक नाम अशरफ अली था। पता भी उसी का था, लेकिन उसमें फोटो इरफान की लगाई गई।हैरानी की बात ये है कि एयरपोर्ट पर वह इसी फर्जी आईडी से सुरक्षा का घेरा पार कर गया। सुरक्षाकर्मी उसके फर्जीवाड़े को पकड़ नहीं सके। ये बेहद गंभीर मसला है। इसकी भी जांच की जा रही है।
दस्तावेज तैयार करने वालों पर भी कसेगा शिकंजा
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश का कहना है कि जिन लोगों से इन फर्जी दस्तावेजों को तैयार किया है, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। अभी सभी आरोपी पकड़े नहीं गए हैं। इसलिए पहली प्राथमिकता है कि नामजद आरोपियों की पहले गिरफ्तारी कर ली जाए।
रिजवान साथ में न दिल्ली गया न मुंबई
ग्वालटोली थाने में दर्ज किए गए केस में रिवाजन सोलंकी को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अभी रिजवान के खिलाफ इस तरह से फर्जीवाड़ा करने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। वह इरफान के साथ न ही दिल्ली गया था और न ही मुंबई। वहीं, तहरीर में रिजवान का नाम होने की वजह से उसको आरोपी बनाया गया है। जानकारी के मुताबिक मुख्य मकसद इरफान को बचाना था। इसलिए उसको अकेले दूसरे राज्य भेजा गया। रिजवान ने दूसरे ठिकाने पर शरण ले रखी है।