एक दशक पहले अचानक लापता हुई महिला सुनीता केरल के मल्लापुरम में एक शेल्टर में रह रही थी। शेल्टर होम के अफसरों ने कानपुर ब्रांच को सूचना दी तो क्राइम ब्रांच ने महिला के भाई को खोज निकाला। महिला की भाई से फोन पर बात भी कराई गई।
भाई बहन को लेने केरल जाएगा। डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि कुछ दिन पहले केरल के एक शेल्टर होम के अधिकारियों ने उनसे संपर्क कर बताया कि दस सालों से कानपुर निवासी सुनीता यादव वहां पर रह ही है। उन्होंने डीसीपी को महिला के परिवार के बारे में आधी अधूरी जानकारी दी।
उसी आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने शास्त्री नगर निवासी उसके भाई कृष्ण कुमार को खोज निकाला। सुनीता के माता-पिता की मौत हो चुकी है। पुलिस ने कृष्ण कुमार से सुनीता से बात कराई तो दोनों ने एक दूसरे को पहचान लिया। जल्द ही कृष्ण कुमार केरल जाएगा।
शेल्टर होम में हैं यूपी की तीन और महिलाएं
डीसीपी क्राइम ने बताया कि शेल्टर होम प्रशासन ने बताया कि कानपुर के अलावा अयोध्या, रामपुर और मुजफ्फरनगर की एक-एक महिला वहां पर हैं। जो कई वर्षों से रह रही हैं। उनके परिवार के बारे में भी जानकारी दी। जिसको डीसीपी ने संबंधित जिलों के एसपी को जानकारी साझा की। एक महिला भोपाल की है। इस बारे में भोपाल के पुलिस अफसरों को भी जानकारी दी है। डीसीपी ने बताया कि शेल्टर होम में इसी तरह से देश भर की 25 महिलाएं रह रही हैं।