मृतक किसान मुंशीलाल के गमगीन परिजन।
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शुक्लागंज। चार दिन से लापता किसान का शव गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के झब्बूपुरवा कटरी क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे मिला। परिजनों ने गांव के ही पांच लोगों के खिलाफ हत्या कर शव गंगा नदी मेें फेंके जाने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दो अगस्त की सुबह डेरा वाला पीपरखेड़ा ग्राम निवासी किसान मुंशीलाल (55) घर में पले मवेशियों का दूध देने साइकिल से कल्लू पुरवा स्थित एक पेट्रोल पंप परगया था। इसके बाद से वह लापता था। बेटे गोविंद और जगदीश ने तीन सितंबर को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। छोटे बेटे गोविंद ने बताया कि शनिवार सुबह वह अपने परिजनों के साथ गंगा कटरी क्षेत्र में पिता की तलाश के लिए निकला। तभी झब्बूपुरवा गंगा कटरी के गंगा नदी किनारे से कुछ कुत्ते निकलते देखे। जिस पर हम लोग वहां पहुंचे तो गंगा नदी किनारे पिता का शव दिखा। गोविंद ने हताया कि पिता के दोनों हाथों की कलाई में रस्सी बंधी थी।
जैसे किसी ने बांध कर पहले मारा और फि र गंगा में फें क दिया हो। मुंह से खून निकल रहा था। पैर, पेट और गले में चोट के निशान थे। जिसकी जानकारी पुलिस को दी गई। चौकी इंचार्ज राजकुमार ने बताया कि बेटे की ओर से दी गई तहरीर में गांव के ही रहने वाले पांच लोगों पर हत्या कर शव फें के जाने की आशंका व्यक्त की गई है। बताया कि तीन अगस्त को जब छानबीन की गई तो गोविंद को पिता की साइकिल गांव के ही होरीलाल के खेत में मिली थी। जिससे संदेह गहरा रहा है। वहीं आस-पास के ग्रामीणों में भी इस बात की चर्चा रही कि मुंशी लाल शरीर से मजबूत था हो सकता हो उस दिन होरीलाल के खेत पर किसी से कोई विवाद हुआ हो और घटना को अंजाम दिया गया। पोस्टमार्टम सूत्रों की मानी जाएं तो मुंशीलाल की मौत डूबने के कारण हुई है। जिसके शरीर पर कोई भी चोट के निशान न होने की बात कहीं जा रही है। कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि उनके पास अभी कोई भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट देखने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है।
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पांच लोगों को पकड़ कर पुलिस ने छोड़ा
मृतक के परिजनों का आरोप है कि चार अगस्त की सुबह जब परिजनों ने गांव के पांच लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी तो जाजमऊ पुलिस ने पहले तो उन्हें पकड़ लिया पर शाम होते ही सभी को छोड़ दिया गया।