प्रेमी से मिलने की चाह में घर से निकली एक 17 वर्षीय किशोरी देह व्यापार के दलदल में फंसते-फंसते बची। एक ई-रिक्शा चालक ने बहला-फुसलाकर किशोरी को फतेहगढ़ के कुटरा स्थित एक संदिग्ध अड्डे पर पहुंचा दिया, जहाँ उसे सात दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। पुलिस ने शुक्रवार रात छापेमारी कर किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया और बरेली के एक दंपती समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर शनिवार को जेल भेज दिया है।
प्रेमी से मिलने निकली थी, रिक्शा चालक ने बदला रास्ता
घटना 8 मई की है। कमालगंज क्षेत्र की रहने वाली किशोरी दोपहर करीब तीन बजे अपने घर से प्रेमी से मिलने के लिए निकली थी। वह ट्रेन से फर्रुखाबाद स्टेशन पहुंची और वहां से खानपुर जाने के लिए एक ई-रिक्शा पर सवार हुई। आरोप है कि ई-रिक्शा चालक उसे खानपुर ले जाने के बजाय फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के कुटरा गांव निवासी खुशबू के घर ले गया। वहां किशोरी को डरा-धमकाकर एक कमरे में कैद कर दिया गया।
छापेमारी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो कड़ियां जुड़ती चली गईं। दरोगा कमलेश कुमार ने शुक्रवार रात खुशबू के घर पर दबिश दी, तो वहां का नजारा देख पुलिस भी दंग रह गई। कमरे में बंधक बनी किशोरी के साथ पुलिस ने वहां मौजूद खुशबू, बरेली के सुभाष नगर (करगैना) निवासी अनिल यादव और उसकी पत्नी हेमा को दबोच लिया। देर रात एएसपी और सीओ ऐश्वर्या उपाध्याय ने थाने पहुंचकर आरोपियों से कड़ी पूछताछ की।
किशोरी की आपबीती: दिनभर आते थे लोग, मैं डरी हुई थी
बरामद किशोरी ने पुलिस को बताया कि उसे घर में बंद कर घरेलू काम कराए जाते थे और गलत काम करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। किशोरी ने बताया, वहां कई और महिलाएं थीं और दिनभर अनजान लोगों का आना-जाना लगा रहता था। मैं बहुत डरी हुई थी कि कहीं मेरे साथ भी कुछ गलत न हो जाए।" हालांकि, किशोरी ने स्पष्ट किया कि बरामदगी तक उसके साथ कोई शारीरिक गलत काम नहीं हुआ था।
पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपी
प्रभारी निरीक्षक ललित कुमार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पहले से दर्ज अपहरण की एफआईआर में अब बंधक बनाने, धमकी देने और देह व्यापार के लिए अपहरण जैसी संगीन धाराएं बढ़ाई गई हैं। पुलिस अब उस ई-रिक्शा चालक की सरगर्मी से तलाश कर रही है, जो किशोरी को इस नर्क तक लेकर आया था।