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अस्पताल में नाबालिग से रेप, लोगों का फूटा आक्रोश, भीषण पथराव के बाद की सड़क जाम

Sun, 18 Jun 2017 01:04 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो
यूपी के कानपुर में शुक्रवार को एक एक नर्सिंग होम में एक वॉर्ड बॉय पर वहां भर्ती नाबालिक लड़की से रेप का आरोप है। बताया जा रहा है कि वॉर्ड बॉय ने वहां भर्ती लड़की को नशीला इंजेक्शन लगाकर उसके साथ रेप किया। आईसीयू में एडमिट लड़की ने शुक्रवार सुबह परिवार को यह बात बताई तो सब हैरान रह गए।
 
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कानपुर स्थित नर्सिंग होम में तोड़फोड़ - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
अगले दिन रेप की खबर से गुस्साए लोगों ने अस्पताल पर जमकर पथराव किया। घटना की जानकारी मिलने के बाद सुबह-सुबह लोगों ने बर्रा स्थित न्यू जागृति नर्सिंग होम पर धावा बोल दिया। आगबबूला भीड़ ने नर्सिंग होम को तत्काल बंद कराने के लिए जमकर पत्थरबाजी की।मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। 


 
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कानपुर के अस्पताल पर पथराव करते लोग - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
घटना की जानाकारी मिलने पर आईजी आलोक सिंह और एसएसपी सोनिया सिंह घटना स्थल पहुंची। तब तक लोगों ने नर्सिंग होम बंद कराने के लिए हाइवे पर भी जाम लगा दिया।

 

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अस्पताल पर पत्थर फेंकता युवक - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
इसके चलते तकरीबन 8 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया। बाद में आला-अफसर मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज जांची। इसके बाद डीआईजी पीड़िता के घर पहुंची और घटना की जानकारी ली।

शनिवार को पुलिस ने आरोपी युसूफ को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। एसएसपी का कहना है कि फिलहाल, मामले को शांत करा दिया गया है। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट और स्लाइड रिपोर्ट आने पर मामले को रेप के प्रयास से रेप में टर्निंग कराया जाएगा। 



 
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रेप के विरोध में गुस्साए लोगों ने किया रोड जाम - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
जांच के लिए बनाई दो स्लाइडें 
पीड़िता का मेडिकल परीक्षण हुआ। डॉक्टरों ने रेप की आशंका के चलते दो स्लाइडें बनाई हैं, जिन्हें जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा। हालांकि परिवार वालों ने रेप की आशंका से इंकार किया है। 

 
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रोड खाली कराने के लिए बातचीत करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
हॉस्पिटल प्रबंधन ने भी दी तहरीर
हॉस्पिटल में तोड़फोड़ और स्टॉफ से मारपीट में अस्पताल प्रबंधन ने भी लड़की के परिजनों के खिलाफ तहरीर है। एसओ प्रदीप कुमार सिंह का कहना है कि आलाधिकारियों के निर्देश पर रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई की जाएगी।

 
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विरोध कर रही भीड़ ने रोका ट्रक - फोटो : अमर उजाला, कानपुर

पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले
प्राइवेट अस्पतालों में  महिलाओं की सुरक्षा की व्यवस्था लचर ही है। न प्रबंधन पुख्ता इंतजाम करता है और न प्रशासन सख्ती करता है। लखनऊ में पिछले एक माह में अस्पतालों में रेप के दो मामले हो चुके हैं। कानपुर में 2011 में बेनाझाबर के एक नर्सिंगहोम में महिला मरीज से रेप हुआ था, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उस वक्त तो प्रशासन ने सख्ती दिखाई थी, लेकिन मामला ठंडा होने के साथ ही प्राइवेट अस्पतालों में सुरक्षा पर प्रशासनिक कार्रवाई भी ठंडी पड़ गई। 




 
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पुलिस ने किया लाठी चार्ज - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
एक्सपर्ट कमेंट
वरिष्ठ अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया आईपीसी की धारा 375 में रेप को परिभाषित किया गया है। इसमें प्रयास नाम का शब्द नहीं है। जब तक पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट नहीं आती है, तब तक मामला रेप (आईपीसी की धारा 376) में ही दर्ज कराने का प्रावधान है। पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में चोट के निशान मिले हैं। इससे साफ है कि उसके प्राइवेट पार्ट को छुआ गया है। यह भी रेप की श्रेणी में आता है, न कि प्रयास में।
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