कानपुर देहात। आखिरकार अफसरों ने मान लिया कि भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के कई इलाकों में अवैध तरीके से मिट्टी का खनन हुआ है। तहसील क्षेत्र के चार गांवों में खनन के मामले में संबंधित विभाग ने जिनके खेतों में मिट्टी खनन हुआ है, उनको नोटिस जारी किए हैं। उन्हीं से अफसर खनन करने वालों के बारे में जानकारी हासिल कर आगे की कार्रवाई करेंगे।
जिले के खनन और प्रशासनिक अफसरों का दावा था कि उनके कार्यक्षेत्र में कहीं भी मिट्टी का अवैध नहीं हो रहा है, न ही जिले में कोई खनन माफिया ही सूचीबद्ध है। अफसरों के दावे के बाद भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के चौरा गांव के बीलहापुर गांव को जाने वाली सड़क के सामने 20 बीघा जमीन पर अवैध खनन की खबर अमर उजाला ने दो अगस्त के अंक में प्रकाशित की। फिर इसी तहसील के अमरौधा कस्बे के पास ग्राम समाज की जमीन पर मिट्टी के अवैध की खबर अमर उजाला ने पांच अगस्त को प्रकाशित की। इसके बाद अफसरों की नींद टूटी।
डीएम राकेश कुमार सिंह ने मामले को संज्ञान में लेकर छह अगस्त को एसडीएम भोगनीपुर राजीव राज और खनन अधिकारी केबी सिंह को मौके पर जांच करने भेजा था। दोनों अफसरों ने पाया कि चौरा स्टेशन के पास ही नहीं अमरौधा कस्बे में भी ग्राम समाज की जमीन पर मिट्टी का अवैध तरीके से खनन हुआ था। इसके अलावा करियापुर और कुरैनी गांव में भी मिट्टी का खनन किया गया है।
खनन अधिकारी केबी सिंह ने मंगलवार को बताया कि भोगनीपुर तहसील क्षेत्र में चार जगह मिट्टी का अवैध खनन हुआ है। इस मामले में एसडीएम के निर्देश पर छह लोगों को नोटिस जारी किए गए है। यह सभी किसान है। नोटिस जारी इन सभी से मिट्टी का खनन करने वालों के बारे में जानकारी हासिल की जाएगी। इसके बाद खनन करने वालों पर एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।